JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

ENVIRONMENT · 2025

Previous Year Question

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

कथन I: भारत में कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) उत्सर्जन प्रति व्यक्ति 0.5 टन CO₂ से कम है।

कथन II: ईंधन दहन से होने वाले CO₂ उत्सर्जन के संदर्भ में भारत एशिया-प्रशांत क्षेत्र में दूसरे स्थान पर है।

कथन III: विद्युत और ऊष्मा उत्पादक भारत में CO₂ उत्सर्जन के सबसे बड़े स्रोत हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A.

केवल I और III

B.

केवल II

C.

केवल II और III

D.

I, II और III

Correct Answer: C

Detailed Solution

  • यह प्रश्न कुल राष्ट्रीय उत्सर्जन, प्रति व्यक्ति उत्सर्जन और क्षेत्रवार उत्सर्जन—तीन अलग-अलग अवधारणाओं का परीक्षण करता है।

  • कथन I गलत है: भारत का प्रति व्यक्ति कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन 0.5 टन से कम नहीं है।

  • प्रश्न से संबंधित आँकड़ों में भारत का प्रति व्यक्ति CO₂ उत्सर्जन लगभग 2 टन के आसपास था, यद्यपि यह अनेक विकसित देशों और वैश्विक औसत की तुलना में कम था।

  • बड़ी जनसंख्या के कारण किसी देश का कुल उत्सर्जन बहुत अधिक हो सकता है, भले ही उसका प्रति व्यक्ति उत्सर्जन तुलनात्मक रूप से कम हो।

  • इसलिए ‘अन्य देशों की तुलना में कम प्रति व्यक्ति उत्सर्जन’ और ‘0.5 टन से कम उत्सर्जन’ को समान नहीं समझना चाहिए।

  • कथन II सही है: ईंधन दहन से होने वाले कुल CO₂ उत्सर्जन के संदर्भ में भारत एशिया-प्रशांत क्षेत्र में चीन के बाद दूसरे स्थान पर है।

  • भारत के कुल उत्सर्जन में कोयला आधारित बिजली उत्पादन, उद्योग, परिवहन और अन्य ऊर्जा-संबंधी गतिविधियों का योगदान है।

  • भारत की बड़ी जनसंख्या, बढ़ती अर्थव्यवस्था और ऊर्जा की विशाल माँग के कारण उसका कुल उत्सर्जन उच्च है।

  • यह स्थिति भारत के कुल उत्सर्जन को ऊँचा बनाती है, जबकि उसका प्रति व्यक्ति उत्सर्जन अनेक उच्च-आय वाले देशों से कम रह सकता है।

  • कथन III सही है: भारत में बिजली और ऊष्मा उत्पादन CO₂ उत्सर्जन का सबसे बड़ा क्षेत्रीय स्रोत है।

  • भारत की विद्युत व्यवस्था में कोयले का महत्त्वपूर्ण स्थान है और कोयला प्रति इकाई ऊर्जा के लिए अधिक कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जित करने वाला जीवाश्म ईंधन है।

  • ताप विद्युत संयंत्रों में कोयले तथा अन्य जीवाश्म ईंधनों के दहन से बड़े स्तर पर CO₂ उत्पन्न होती है।

  • उद्योग और परिवहन भी प्रमुख उत्सर्जन-स्रोत हैं, लेकिन बिजली और ऊष्मा उत्पादन का योगदान उनसे अधिक है।

  • नवीकरणीय ऊर्जा, परमाणु ऊर्जा, ऊर्जा-दक्षता, भंडारण, विद्युत ग्रिड का आधुनिकीकरण और कम-कार्बन ईंधन इस क्षेत्र के उत्सर्जन को कम करने में महत्त्वपूर्ण हैं।

  • औद्योगिक प्रक्रियाओं और भूमि-उपयोग परिवर्तन से होने वाले उत्सर्जन को ईंधन दहन से होने वाले CO₂ उत्सर्जन से अलग समझना चाहिए।

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