JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

ENVIRONMENT · 2025

Previous Year Question

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

कथन I: जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौते के अनुच्छेद 6 की संधारणीय विकास और जलवायु परिवर्तन से संबंधित वैश्विक चर्चाओं में बार-बार चर्चा होती है।

कथन II: जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौते का अनुच्छेद 6 कार्बन बाजारों के सिद्धांत निर्धारित करता है।

कथन III: जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौते के अनुच्छेद 6 का उद्देश्य देशों के बीच गैर-बाजार रणनीतियों को बढ़ावा देना है, ताकि वे अपने जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त कर सकें।

उपर्युक्त कथनों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा सही है?

A.

कथन II और कथन III दोनों सही हैं तथा दोनों कथन I की व्याख्या करते हैं।

B.

कथन II और कथन III दोनों सही हैं, किन्तु उनमें से केवल एक कथन I की व्याख्या करता है।

C.

कथन II और कथन III में से केवल एक सही है और वह कथन I की व्याख्या करता है।

D.

न तो कथन II और न ही कथन III सही है।

Correct Answer: A

Detailed Solution

  • कथन I सही है: पेरिस समझौते का अनुच्छेद 6 देशों को अपने राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित योगदानों को लागू करने और जलवायु महत्त्वाकांक्षा बढ़ाने के लिए स्वैच्छिक अंतरराष्ट्रीय सहयोग की व्यवस्था प्रदान करता है।

  • अनुच्छेद 6 में बाजार-आधारित और गैर-बाजार—दोनों प्रकार की सहयोगात्मक व्यवस्थाएँ सम्मिलित हैं।

  • इसी व्यापक क्षेत्र के कारण अनुच्छेद 6 की जलवायु परिवर्तन, संधारणीय विकास, कार्बन व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सहयोग से संबंधित वार्ताओं में लगातार चर्चा होती है।

  • कथन II सही है: अनुच्छेद 6 कार्बन बाजारों और देशों के बीच उत्सर्जन-कटौती परिणामों के हस्तांतरण की मूल व्यवस्था निर्धारित करता है।

  • अनुच्छेद 6.2 देशों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हस्तांतरित शमन परिणामों का उपयोग करते हुए सहयोगात्मक दृष्टिकोण अपनाने की अनुमति देता है।

  • इन परिणामों को एक देश अपने जलवायु लक्ष्य की पूर्ति के लिए दूसरे देश को हस्तांतरित कर सकता है।

  • इस व्यवस्था में मजबूत लेखांकन और संगत समायोजन आवश्यक होते हैं, ताकि एक ही उत्सर्जन-कटौती को दो देश अपने-अपने लक्ष्य में न गिनें।

  • अनुच्छेद 6.4 संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में एक अंतरराष्ट्रीय कार्बन-क्रेडिट व्यवस्था स्थापित करता है।

  • इसके अंतर्गत उत्सर्जन कम करने अथवा ग्रीनहाउस गैसों को हटाने वाली परियोजनाओं से सत्यापित क्रेडिट उत्पन्न किए जा सकते हैं।

  • इसलिए कथन II अनुच्छेद 6 पर वैश्विक चर्चा का एक महत्त्वपूर्ण कारण बताता है और कथन I की व्याख्या करता है।

  • कथन III सही है: अनुच्छेद 6.8 देशों के लिए गैर-बाजार दृष्टिकोणों को मान्यता देता है।

  • गैर-बाजार दृष्टिकोण में कार्बन क्रेडिट का व्यापार अनिवार्य नहीं होता।

  • इनमें जलवायु वित्त, प्रौद्योगिकी सहयोग, क्षमता निर्माण, अनुकूलन, ऊर्जा-दक्षता और संस्थागत सहयोग जैसी व्यवस्थाएँ सम्मिलित हो सकती हैं।

  • इनका उद्देश्य शमन और अनुकूलन की महत्त्वाकांक्षा बढ़ाना, सार्वजनिक तथा निजी भागीदारी को प्रोत्साहित करना और संधारणीय विकास में सहायता करना है।

  • इसलिए कथन III भी अनुच्छेद 6 के अंतरराष्ट्रीय महत्त्व और उसकी बार-बार होने वाली चर्चा की व्याख्या करता है।

  • अनुच्छेद 6 के बाजार तंत्र उत्सर्जन-कटौती की लागत कम कर सकते हैं, लेकिन पर्यावरणीय अखंडता और मानवाधिकार सुरक्षा के बिना इनमें दोहरी गणना तथा निम्न-गुणवत्ता वाले क्रेडिट का जोखिम हो सकता है।

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