Previous Year Question
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
कथन I: अध्ययनों से संकेत मिलता है कि सीमेंट उद्योग से होने वाला कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन वैश्विक कार्बन उत्सर्जन के 5% से अधिक है।
कथन II: सीमेंट का विनिर्माण करते समय सिलिका-युक्त मृत्तिका को चूना पत्थर के साथ मिलाया जाता है।
कथन III: सीमेंट विनिर्माण के लिए क्लिंकर उत्पादन के दौरान चूना पत्थर को चूने में परिवर्तित किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा सही है?
कथन II और कथन III दोनों सही हैं तथा दोनों कथन I की व्याख्या करते हैं।
कथन II और कथन III दोनों सही हैं, किन्तु उनमें से केवल एक कथन I की व्याख्या करता है।
कथन II और कथन III में से केवल एक सही है और वह कथन I की व्याख्या करता है।
न तो कथन II और न ही कथन III सही है।
Correct Answer: B
Detailed Solution
कथन I सही है: सीमेंट उद्योग वैश्विक कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन के प्रमुख औद्योगिक स्रोतों में से एक है और इसका योगदान 5% से अधिक है।
सीमेंट उत्पादन से CO₂ उत्सर्जन के दो मुख्य स्रोत—चूना पत्थर का रासायनिक अपघटन और सीमेंट भट्ठियों के लिए ईंधन तथा ऊर्जा का उपयोग—हैं।
कथन II सही है: सीमेंट निर्माण के लिए चूना पत्थर को सिलिका, एल्युमिना और लौह ऑक्साइड उपलब्ध कराने वाली मृत्तिका अथवा अन्य पदार्थों के साथ मिलाया जाता है।
इस मिश्रण को पीसकर समरूप कच्चा मिश्रण बनाया जाता है, जिसे प्रीहीटर और सीमेंट भट्ठी में गर्म किया जाता है।
सिलिका-युक्त मृत्तिका कैल्सियम ऑक्साइड के साथ अभिक्रिया करके क्लिंकर के प्रमुख कैल्सियम-सिलिकेट यौगिकों के निर्माण में सहायता करती है।
इसलिए सिलिका-युक्त मृत्तिका को चूना पत्थर में मिलाना सीमेंट निर्माण की सही प्रक्रिया है।
लेकिन मृत्तिका को चूना पत्थर के साथ मिलाने की क्रिया अपने-आप में सीमेंट उद्योग के अत्यधिक CO₂ उत्सर्जन का प्रत्यक्ष कारण नहीं है।
अतः कथन II सही होने के बावजूद कथन I की प्रत्यक्ष व्याख्या नहीं करता।
कथन III सही है: क्लिंकर उत्पादन के दौरान चूना पत्थर अर्थात् कैल्सियम कार्बोनेट को गर्म करके चूने अर्थात् कैल्सियम ऑक्साइड में परिवर्तित किया जाता है।
इस प्रक्रिया को कैल्सीनेशन कहा जाता है और इसकी रासायनिक अभिक्रिया है:
CaCO₃ → CaO + CO₂इस अभिक्रिया में चूना पत्थर में रासायनिक रूप से बँधी कार्बन डाइऑक्साइड सीधे मुक्त हो जाती है।
इसलिए कथन III सीमेंट उद्योग के अधिक कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन की प्रत्यक्ष व्याख्या करता है।
कैल्सीनेशन के बाद सामग्री को लगभग 1,450°C तक गर्म करके क्लिंकर खनिज बनाए जाते हैं।
इतनी अधिक तापीय ऊर्जा उपलब्ध कराने के लिए कोयला, पेटकोक अथवा अन्य ईंधनों का दहन भी अतिरिक्त CO₂ उत्सर्जित करता है।
क्लिंकर को जिप्सम और आवश्यकतानुसार अन्य पदार्थों के साथ पीसकर सीमेंट बनाया जाता है।
सीमेंट उद्योग के उत्सर्जन को कम करने के उपायों में क्लिंकर की मात्रा घटाना, फ्लाई ऐश और स्लैग जैसे पूरक पदार्थों का प्रयोग, ऊर्जा-दक्षता, वैकल्पिक ईंधन, नवीकरणीय ऊर्जा और कार्बन कैप्चर सम्मिलित हैं।