JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

ENVIRONMENT · 2025

Previous Year Question

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

कथन I: अध्ययनों से संकेत मिलता है कि सीमेंट उद्योग से होने वाला कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन वैश्विक कार्बन उत्सर्जन के 5% से अधिक है।

कथन II: सीमेंट का विनिर्माण करते समय सिलिका-युक्त मृत्तिका को चूना पत्थर के साथ मिलाया जाता है।

कथन III: सीमेंट विनिर्माण के लिए क्लिंकर उत्पादन के दौरान चूना पत्थर को चूने में परिवर्तित किया जाता है।

उपर्युक्त कथनों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा सही है?

A.

कथन II और कथन III दोनों सही हैं तथा दोनों कथन I की व्याख्या करते हैं।

B.

कथन II और कथन III दोनों सही हैं, किन्तु उनमें से केवल एक कथन I की व्याख्या करता है।

C.

कथन II और कथन III में से केवल एक सही है और वह कथन I की व्याख्या करता है।

D.

न तो कथन II और न ही कथन III सही है।

Correct Answer: B

Detailed Solution

  • कथन I सही है: सीमेंट उद्योग वैश्विक कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन के प्रमुख औद्योगिक स्रोतों में से एक है और इसका योगदान 5% से अधिक है।

  • सीमेंट उत्पादन से CO₂ उत्सर्जन के दो मुख्य स्रोत—चूना पत्थर का रासायनिक अपघटन और सीमेंट भट्ठियों के लिए ईंधन तथा ऊर्जा का उपयोग—हैं।

  • कथन II सही है: सीमेंट निर्माण के लिए चूना पत्थर को सिलिका, एल्युमिना और लौह ऑक्साइड उपलब्ध कराने वाली मृत्तिका अथवा अन्य पदार्थों के साथ मिलाया जाता है।

  • इस मिश्रण को पीसकर समरूप कच्चा मिश्रण बनाया जाता है, जिसे प्रीहीटर और सीमेंट भट्ठी में गर्म किया जाता है।

  • सिलिका-युक्त मृत्तिका कैल्सियम ऑक्साइड के साथ अभिक्रिया करके क्लिंकर के प्रमुख कैल्सियम-सिलिकेट यौगिकों के निर्माण में सहायता करती है।

  • इसलिए सिलिका-युक्त मृत्तिका को चूना पत्थर में मिलाना सीमेंट निर्माण की सही प्रक्रिया है।

  • लेकिन मृत्तिका को चूना पत्थर के साथ मिलाने की क्रिया अपने-आप में सीमेंट उद्योग के अत्यधिक CO₂ उत्सर्जन का प्रत्यक्ष कारण नहीं है।

  • अतः कथन II सही होने के बावजूद कथन I की प्रत्यक्ष व्याख्या नहीं करता।

  • कथन III सही है: क्लिंकर उत्पादन के दौरान चूना पत्थर अर्थात् कैल्सियम कार्बोनेट को गर्म करके चूने अर्थात् कैल्सियम ऑक्साइड में परिवर्तित किया जाता है।

  • इस प्रक्रिया को कैल्सीनेशन कहा जाता है और इसकी रासायनिक अभिक्रिया है:
    CaCO₃ → CaO + CO₂

  • इस अभिक्रिया में चूना पत्थर में रासायनिक रूप से बँधी कार्बन डाइऑक्साइड सीधे मुक्त हो जाती है।

  • इसलिए कथन III सीमेंट उद्योग के अधिक कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन की प्रत्यक्ष व्याख्या करता है।

  • कैल्सीनेशन के बाद सामग्री को लगभग 1,450°C तक गर्म करके क्लिंकर खनिज बनाए जाते हैं।

  • इतनी अधिक तापीय ऊर्जा उपलब्ध कराने के लिए कोयला, पेटकोक अथवा अन्य ईंधनों का दहन भी अतिरिक्त CO₂ उत्सर्जित करता है।

  • क्लिंकर को जिप्सम और आवश्यकतानुसार अन्य पदार्थों के साथ पीसकर सीमेंट बनाया जाता है।

  • सीमेंट उद्योग के उत्सर्जन को कम करने के उपायों में क्लिंकर की मात्रा घटाना, फ्लाई ऐश और स्लैग जैसे पूरक पदार्थों का प्रयोग, ऊर्जा-दक्षता, वैकल्पिक ईंधन, नवीकरणीय ऊर्जा और कार्बन कैप्चर सम्मिलित हैं।

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