JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

ENVIRONMENT · 2012

Previous Year Question

निम्नलिखित में से पशुओं का कौन-सा एक समूह संकटापन्न जातियों के संवर्ग में आता है?

A.

ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, कस्तूरी मृग, लाल पांडा और एशियाई जंगली गधा

B.

कश्मीर स्टैग, चीतल, नीलगाय और ग्रेट इंडियन बस्टर्ड

C.

हिम तेंदुआ, अनूप मृग, रीसस बंदर और सारस

D.

सिंह-पूँछ मकाक, नीलगाय, हनुमान लंगूर और चीतल

Correct Answer: A

Detailed Solution

  • विकल्प (a) में दी गई सभी प्रजातियों की आबादी सीमित है अथवा उन्हें आवास-हानि, शिकार और अन्य मानवीय दबावों के कारण गंभीर संरक्षण संबंधी खतरों का सामना करना पड़ा है।

  • ग्रेट इंडियन बस्टर्ड का वैज्ञानिक नाम Ardeotis nigriceps है और यह भारत की घासभूमियों तथा अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में पाया जाता है।

  • इसकी प्रमुख आबादी राजस्थान के थार मरुस्थलीय भूदृश्य में पाई जाती है, जबकि गुजरात और कुछ अन्य क्षेत्रों में भी इसकी अत्यन्त छोटी आबादियाँ रही हैं।

  • घासभूमियों का कृषि और अवसंरचना में परिवर्तन तथा ऊपरी विद्युत तारों से टकराव इसके प्रमुख खतरे हैं।

  • कस्तूरी मृग हिमालय के अधिक ऊँचाई वाले शीतोष्ण, उप-अल्पाइन और अल्पाइन क्षेत्रों में पाया जाता है।

  • नर कस्तूरी मृग में पाई जाने वाली कस्तूरी-थैली के लिए किया जाने वाला अवैध शिकार और पर्वतीय आवास का क्षरण इसकी आबादी के प्रमुख खतरे हैं।

  • लाल पांडा पूर्वी हिमालय के शीतोष्ण वनों और बाँस की अधिकता वाले क्षेत्रों में पाया जाता है।

  • भारत में यह सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग-कालिम्पोंग क्षेत्र और पूर्वोत्तर के कुछ अन्य उच्च पर्वतीय वनों में पाया जाता है।

  • वन-विखंडन, बाँस वाले आवासों का क्षरण और अवैध शिकार लाल पांडा के लिए प्रमुख खतरे हैं।

  • एशियाई जंगली गधे की भारतीय उपजाति खुर मुख्यतः गुजरात के कच्छ के छोटे रण और उसके आसपास के क्षेत्रों में पाई जाती है।

  • इसका वैज्ञानिक नाम Equus hemionus khur है और यह लवणीय मरुस्थलीय मैदानों, बेट तथा शुष्क घासभूमियों के अनुकूल है।

  • आवास का परिवर्तन, चराई-संबंधी प्रतिस्पर्धा, रोग और लवणीय भूदृश्य पर बढ़ता मानवीय दबाव इसके संरक्षण से संबंधित महत्त्वपूर्ण समस्याएँ हैं।

  • विकल्प (b) गलत है: कश्मीर स्टैग और ग्रेट इंडियन बस्टर्ड संरक्षण की दृष्टि से संकटग्रस्त हैं, लेकिन चीतल तथा नीलगाय व्यापक रूप से वितरित हैं और संकटापन्न समूह में नहीं आते।

  • विकल्प (c) गलत है: हिम तेंदुआ और अनूप मृग संरक्षण की दृष्टि से महत्त्वपूर्ण हैं, लेकिन रीसस बंदर व्यापक और सामान्य रूप से पाया जाता है।

  • विकल्प (d) गलत है: सिंह-पूँछ मकाक संकटग्रस्त है, लेकिन नीलगाय, हनुमान लंगूर और चीतल सामान्यतः व्यापक वितरण वाली प्रजातियाँ हैं।

  • संरक्षण-स्थिति समय और मूल्यांकन के साथ परिवर्तित हो सकती है।

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