JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

ENVIRONMENT · 2018

Previous Year Question

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

  1. संसार की अधिकांश प्रवाल भित्तियाँ उष्णकटिबंधीय जलों में हैं।

  2. संसार की प्रवाल भित्तियों के एक-तिहाई से अधिक हिस्से ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया और फिलीपींस के राज्य-क्षेत्रों में स्थित हैं।

  3. प्रवाल भित्तियाँ उष्णकटिबंधीय वर्षावनों की अपेक्षा कहीं अधिक संख्या में जंतु संघों को आश्रय देती हैं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A.

केवल 1 और 2

B.

केवल 3

C.

केवल 1 और 3

D.

1, 2 और 3

Correct Answer: D

Detailed Solution

  • कथन 1 सही है: संसार की अधिकांश विशाल और जैव-विविधतापूर्ण प्रवाल भित्तियाँ उष्णकटिबंधीय तथा उपोष्णकटिबंधीय समुद्री जल में पाई जाती हैं।

  • भित्ति-निर्माता प्रवालों को सामान्यतः उथला, स्वच्छ, सूर्यप्रकाशयुक्त, गर्म और सामान्य समुद्री लवणता वाला जल अनुकूल होता है।

  • अधिकांश भित्ति-निर्माता प्रवालों के ऊतकों में प्रकाश-संश्लेषी शैवाल पाए जाते हैं, जिन्हें सामान्यतः जूज़ैंथेली कहा जाता है।

  • जूज़ैंथेली प्रकाश-संश्लेषण द्वारा प्रवालों को ऊर्जा और पोषक पदार्थ उपलब्ध कराते हैं, जबकि प्रवाल उन्हें सुरक्षित आवास तथा कार्बन डाइऑक्साइड देते हैं।

  • सूर्यप्रकाश की आवश्यकता के कारण प्रमुख उष्णकटिबंधीय प्रवाल भित्तियाँ सामान्यतः समुद्र के अपेक्षाकृत उथले भागों में विकसित होती हैं।

  • गहरे और ठंडे जल में भी कुछ प्रवाल पाए जाते हैं, लेकिन वे उष्णकटिबंधीय प्रकाश-संश्लेषी प्रवाल भित्तियों से अलग होते हैं।

  • कथन 2 सही है: ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया और फिलीपींस के समुद्री क्षेत्रों में विश्व की प्रवाल भित्तियों का एक-तिहाई से अधिक भाग स्थित है।

  • ऑस्ट्रेलिया की ग्रेट बैरियर रीफ विश्व की सबसे बड़ी प्रवाल-भित्ति प्रणाली है।

  • इंडोनेशिया और फिलीपींस कोरल ट्रायंगल के प्रमुख भाग हैं, जो विश्व में प्रवाल और प्रवाल-भित्ति मछलियों की सर्वाधिक विविधता वाले क्षेत्रों में से एक है।

  • कोरल ट्रायंगल में इंडोनेशिया, फिलीपींस, मलेशिया, पापुआ न्यू गिनी, सोलोमन द्वीप और तिमोर-लेस्ते के समुद्री क्षेत्र सम्मिलित हैं।

  • कथन 3 सही है: प्रवाल भित्तियाँ अत्यन्त अधिक जैव विविधता को आश्रय देती हैं और इनमें उष्णकटिबंधीय वर्षावनों की तुलना में अधिक जंतु संघों का प्रतिनिधित्व पाया जाता है।

  • जंतु संघ वर्गीकरण की एक उच्च श्रेणी है। समुद्री पर्यावरण में अनेक ऐसे जंतु संघ पाए जाते हैं जिनका स्थलीय पर्यावरण में प्रतिनिधित्व नहीं मिलता।

  • प्रवाल भित्तियाँ समुद्र-तल के बहुत छोटे भाग पर विस्तृत होने के बावजूद समुद्री मछलियों, मोलस्क, क्रस्टेशियन, स्पंज, एकाइनोडर्म और असंख्य अन्य जीवों को भोजन, आश्रय तथा प्रजनन-स्थल देती हैं।

  • इसी असाधारण जैव विविधता के कारण प्रवाल भित्तियों को प्रायः समुद्र के वर्षावन कहा जाता है।

  • भारत में प्रमुख प्रवाल-भित्ति क्षेत्र कच्छ की खाड़ी, मन्नार की खाड़ी, लक्षद्वीप तथा अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में पाए जाते हैं।

  • समुद्री तापमान में वृद्धि से प्रवाल अपने सहजीवी शैवाल को बाहर निकाल सकते हैं, जिससे प्रवाल विरंजन होता है।

  • प्रवाल भित्तियों के अन्य प्रमुख खतरों में महासागरीय अम्लीकरण, प्रदूषण, अवसादन, विनाशकारी मत्स्याखेट और तटीय विकास सम्मिलित हैं।

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