Previous Year Question
भारतीय हाथियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
हाथियों के समूह का नेतृत्व मादा करती है।
अधिकतम गर्भावधि 22 माह तक हो सकती है।
एक मादा हाथी सामान्यतः केवल 40 वर्ष की आयु तक बच्चे पैदा कर सकती है।
भारत के राज्यों में हाथियों की सर्वाधिक संख्या केरल में है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
केवल 1 और 2
केवल 2 और 4
केवल 3
केवल 1, 3 और 4
Correct Answer: A
Detailed Solution
भारतीय हाथी एशियाई हाथी की एक उपजाति है और इसका वैज्ञानिक नाम Elephas maximus indicus है।
हाथी सामाजिक जीव हैं और मादा हाथियों के पारिवारिक समूहों में जटिल सामाजिक संबंध पाए जाते हैं।
कथन 1 सही है: हाथियों के पारिवारिक समूह का नेतृत्व सामान्यतः सबसे अधिक आयु वाली और अनुभवी मादा करती है, जिसे मातृप्रधान अथवा मैट्रिआर्क कहा जाता है।
समूह में सामान्यतः मातृप्रधान मादा, उससे संबंधित अन्य वयस्क मादाएँ और उनके बच्चे सम्मिलित होते हैं।
अनुभवी मातृप्रधान भोजन, जल-स्रोत, सुरक्षित मार्ग और संकट से बचने से संबंधित निर्णय लेने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
वयस्क नर सामान्यतः परिपक्व होने पर अपने जन्म-समूह को छोड़ देते हैं और अकेले अथवा अस्थायी नर समूहों में रह सकते हैं।
कथन 2 सही है: हाथी की गर्भावधि सामान्यतः लगभग 18 से 22 महीने होती है और यह स्थलीय स्तनधारियों में सबसे लंबी गर्भावधियों में से एक है।
इतनी लंबी गर्भावधि के बाद सामान्यतः एक बच्चे का जन्म होता है; जुड़वाँ बच्चों का जन्म अत्यन्त दुर्लभ है।
हाथी के बच्चे लंबे समय तक अपनी माता और समूह की दूसरी मादाओं पर भोजन, सुरक्षा तथा सामाजिक व्यवहार सीखने के लिए निर्भर रहते हैं।
कथन 3 गलत है: मादा हाथी की प्रजनन क्षमता केवल 40 वर्ष की आयु पर अनिवार्य रूप से समाप्त नहीं हो जाती।
आयु बढ़ने के साथ प्रजनन-दर कम हो सकती है, लेकिन स्वस्थ मादा हाथी 40 वर्ष से अधिक आयु में भी बच्चे को जन्म दे सकती है।
हाथियों में दो बच्चों के जन्म के बीच सामान्यतः कई वर्षों का अंतर होता है। इसलिए उनकी प्राकृतिक जनसंख्या-वृद्धि दर धीमी होती है।
कथन 4 गलत है: प्रश्न से संबंधित वर्ष 2017 की अखिल भारतीय समन्वित हाथी जनसंख्या गणना के अनुसार, राज्यों में हाथियों की सर्वाधिक संख्या कर्नाटक में थी, केरल में नहीं।
इस गणना में कर्नाटक में लगभग 6,049, असम में लगभग 5,719 और केरल में लगभग 3,054 हाथी दर्ज किए गए थे।
भारतीय हाथी एक प्रमुख बीज-वितरक और पारितंत्र अभियंता है। उसकी आवाजाही वनस्पति संरचना, जल-स्रोतों और वन-पथों को प्रभावित करती है।
हाथियों के लिए प्रमुख खतरों में आवास का विखंडन, हाथी गलियारों का अवरोध, मानव-हाथी संघर्ष, रेल और सड़क दुर्घटनाएँ तथा अवैध शिकार सम्मिलित हैं।