JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

ENVIRONMENT · 2013

Previous Year Question

निम्नलिखित में से कौन-से भारत के कुछ भागों में पीने के जल में प्रदूषक के रूप में पाए जा सकते हैं?

  1. आर्सेनिक

  2. सॉर्बिटॉल

  3. फ्लोराइड

  4. फॉर्मैल्डिहाइड

  5. यूरेनियम

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :

A.

केवल 1 और 3

B.

केवल 2, 4 और 5

C.

केवल 1, 3 और 5

D.

ये सभी

Correct Answer: C

Detailed Solution

  • भारत के विभिन्न भागों में भूजल की भूवैज्ञानिक संरचना अलग-अलग होने के कारण आर्सेनिक, फ्लोराइड और यूरेनियम जैसे तत्त्व प्राकृतिक रूप से पेयजल में प्रवेश कर सकते हैं।

  • कृषि, उद्योग, खनन और भूजल के अत्यधिक दोहन जैसी मानवीय गतिविधियाँ भी कुछ परिस्थितियों में इन तत्त्वों की गतिशीलता और सांद्रता को प्रभावित कर सकती हैं।

  • आर्सेनिक पेयजल में प्रदूषक के रूप में पाया जाता है। इसका प्रमुख स्रोत आर्सेनिकयुक्त खनिजों से होने वाला प्राकृतिक भू-रासायनिक विमोचन है।

  • गंगा-ब्रह्मपुत्र-मेघना मैदानों के जलोढ़ जलभृतों में आर्सेनिक प्रदूषण की समस्या विशेष रूप से गंभीर पाई गई है।

  • पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, असम और झारखंड सहित अनेक राज्यों के कुछ क्षेत्रों में भूजल में आर्सेनिक की अधिक मात्रा दर्ज की गई है।

  • लंबे समय तक आर्सेनिकयुक्त जल पीने से आर्सेनिकोसिस, त्वचा पर धब्बे और घाव तथा कैंसर सहित अनेक गंभीर स्वास्थ्य-समस्याएँ हो सकती हैं।

  • फ्लोराइड पेयजल में प्रदूषक के रूप में पाया जाता है। यह फ्लोराइडयुक्त चट्टानों और खनिजों से घुलकर भूजल में पहुँच सकता है।

  • राजस्थान, गुजरात, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक और मध्य भारत के अनेक शुष्क तथा अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में अधिक फ्लोराइड की समस्या पाई जाती है।

  • सीमित मात्रा में फ्लोराइड दाँतों के लिए उपयोगी हो सकता है, लेकिन इसकी अधिक मात्रा दंत फ्लोरोसिस और लंबे समय में अस्थि फ्लोरोसिस उत्पन्न कर सकती है।

  • यूरेनियम भी कुछ क्षेत्रों के पेयजल में प्रदूषक के रूप में पाया गया है। यह यूरेनियमयुक्त चट्टानों और अवसादों से भूजल में घुल सकता है।

  • पंजाब, राजस्थान और भारत के कुछ अन्य क्षेत्रों के भूजल में यूरेनियम की अधिक सांद्रता दर्ज की गई है।

  • पेयजल में यूरेनियम से संबंधित प्रमुख स्वास्थ्य-चिंता उसकी रासायनिक विषाक्तता और गुर्दों पर पड़ने वाला प्रभाव है।

  • सॉर्बिटॉल एक शर्करा-अल्कोहल है, जिसका उपयोग खाद्य पदार्थों, औषधियों और व्यक्तिगत देखभाल उत्पादों में मधुरक अथवा आर्द्रतारक्षक के रूप में किया जाता है। यह भारत के पेयजल में सामान्य भूजल प्रदूषक नहीं है।

  • फॉर्मैल्डिहाइड एक वाष्पशील कार्बनिक यौगिक है। यह औद्योगिक उत्पादों में पाया जा सकता है, लेकिन प्रश्न के संदर्भ में भारत के कुछ भागों के पेयजल में सामान्यतः पाए जाने वाले प्रदूषकों में सम्मिलित नहीं है।

  • इन भूजल प्रदूषकों का नियंत्रण सुरक्षित जल-स्रोत, नियमित जल-परीक्षण, उपयुक्त उपचार और प्रभावित जलभृतों के सतत प्रबंधन द्वारा किया जा सकता है।

  • अतः सूची में आर्सेनिक, फ्लोराइड और यूरेनियम भारत के कुछ भागों में पेयजल प्रदूषक के रूप में पाए जा सकते हैं।

Continue practicing free PYQs with your JAGTIV account.