Previous Year Question
निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा कार्बन निषेचन का सर्वोत्तम वर्णन करता है?
वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड की बढ़ी हुई सांद्रता के कारण पादप वृद्धि में बढ़ोतरी
वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड की बढ़ी हुई सांद्रता के कारण पृथ्वी के तापमान में बढ़ोतरी
वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड की बढ़ी हुई सांद्रता के परिणामस्वरूप महासागरों की अम्लता में बढ़ोतरी
वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड की बढ़ी हुई सांद्रता द्वारा लाए गए जलवायु परिवर्तन के प्रति पृथ्वी के जीवों का अनुकूलन
Correct Answer: A
Detailed Solution
कार्बन निषेचन प्रभाव से आशय वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड की सांद्रता बढ़ने के कारण कुछ पौधों में प्रकाश-संश्लेषण और वृद्धि की दर बढ़ने से है।
प्रकाश-संश्लेषण में पौधे सूर्य के प्रकाश की ऊर्जा का उपयोग करके कार्बन डाइऑक्साइड और जल से कार्बोहाइड्रेट बनाते हैं।
कार्बन डाइऑक्साइड प्रकाश-संश्लेषण का आवश्यक कच्चा पदार्थ है। इसकी उपलब्धता बढ़ने पर अनुकूल परिस्थितियों में प्रकाश-संश्लेषण की दर बढ़ सकती है।
कार्बन निषेचन प्रभाव सामान्यतः C₃ पौधों, जैसे धान, गेहूँ और सोयाबीन, में अधिक स्पष्ट होता है।
C₃ पौधों में बढ़ी हुई CO₂ सांद्रता प्रकाश-श्वसन को कम कर सकती है और कार्बन स्थिरीकरण की दक्षता बढ़ा सकती है।
C₄ पौधों, जैसे मक्का और गन्ना, में CO₂ को केंद्रित करने की आंतरिक व्यवस्था होती है। इसलिए सामान्य परिस्थितियों में अतिरिक्त CO₂ के प्रति उनकी प्रत्यक्ष प्रतिक्रिया अपेक्षाकृत कम हो सकती है।
बढ़ी हुई CO₂ के कारण पौधों के रंध्र आंशिक रूप से बंद हो सकते हैं। इससे वाष्पोत्सर्जन कम और जल-उपयोग दक्षता अधिक हो सकती है।
कार्बन निषेचन प्रभाव असीमित नहीं होता। पौधों की वास्तविक वृद्धि जल, नाइट्रोजन, फॉस्फोरस, तापमान, प्रकाश, मृदा और अन्य पर्यावरणीय परिस्थितियों पर भी निर्भर करती है।
पोषक तत्त्वों अथवा जल की कमी होने पर केवल CO₂ की बढ़ी हुई सांद्रता से पौधों की वृद्धि में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं होगी।
बढ़ी हुई CO₂ के अंतर्गत कुछ खाद्य फसलों में कार्बोहाइड्रेट बढ़ सकते हैं, जबकि प्रोटीन तथा लौह और जस्ता जैसे कुछ सूक्ष्म पोषक तत्त्वों की सांद्रता कम हो सकती है।
विकल्प (b) कार्बन डाइऑक्साइड के ग्रीनहाउस प्रभाव का वर्णन करता है, कार्बन निषेचन का नहीं।
विकल्प (c) महासागरीय अम्लीकरण का वर्णन करता है, जिसमें समुद्री जल द्वारा CO₂ अवशोषित किए जाने से कार्बोनिक अम्ल बनता है।
विकल्प (d) जलवायु परिवर्तन के प्रति जैविक अनुकूलन का वर्णन करता है, कार्बन निषेचन का नहीं।
अतः कार्बन निषेचन का सर्वोत्तम वर्णन वायुमंडलीय CO₂ की बढ़ी हुई सांद्रता के कारण होने वाली पादप वृद्धि में बढ़ोतरी है।