Previous Year Question
निम्नलिखित पर विचार कीजिए :
कार्बन मोनोक्साइड
मेथेन
ओज़ोन
सल्फर डाइऑक्साइड
उपर्युक्त में से कौन-से फसल/जैव मात्रा अवशेषों को जलाने के कारण वायुमंडल में निर्मुक्त होते हैं?
केवल 1 और 2
केवल 2, 3 और 4
केवल 1 और 4
ये सभी
Correct Answer: D
Detailed Solution
फसल और जैव मात्रा अवशेषों को जलाने से अनेक गैसीय तथा कणिकीय वायु प्रदूषक उत्पन्न होते हैं।
इनका प्रकार और परिमाण अवशेष में उपस्थित नमी, रासायनिक संरचना, दहन के तापमान तथा ऑक्सीजन की उपलब्धता पर निर्भर करता है।
कार्बन मोनोक्साइड: ऑक्सीजन की अपर्याप्त उपलब्धता में जैव मात्रा का अपूर्ण दहन होने से कार्बन मोनोक्साइड उत्पन्न होती है।
सुलगते हुए अथवा कम तापमान वाले दहन में कार्बन मोनोक्साइड का उत्सर्जन विशेष रूप से अधिक हो सकता है।
कार्बन मोनोक्साइड रक्त में हीमोग्लोबिन से जुड़कर शरीर की ऑक्सीजन-वहन क्षमता को कम कर सकती है।
मेथेन: फसल अवशेषों के अपूर्ण दहन, विशेष रूप से सुलगने की अवस्था में, कुछ कार्बन पूर्णतः ऑक्सीकृत नहीं होता और मेथेन उत्पन्न हो सकती है।
मेथेन एक शक्तिशाली ग्रीनहाउस गैस है और क्षोभमंडलीय ओज़ोन के निर्माण में भी अप्रत्यक्ष भूमिका निभाती है।
ओज़ोन: जैव मात्रा दहन से कार्बन मोनोक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड और वाष्पशील कार्बनिक यौगिक जैसे ओज़ोन-पूर्वगामी प्रदूषक निकलते हैं।
सूर्य के प्रकाश की उपस्थिति में इन पूर्वगामी प्रदूषकों की प्रकाश-रासायनिक अभिक्रियाओं से क्षोभमंडलीय ओज़ोन बनती है।
इसलिए ओज़ोन को मुख्यतः दहन-स्रोत से सीधे निकलने वाला प्राथमिक प्रदूषक नहीं, बल्कि जैव मात्रा दहन के कारण बनने वाला द्वितीयक प्रदूषक समझना चाहिए।
सल्फर डाइऑक्साइड: पौधों और फसल अवशेषों में उपस्थित सल्फरयुक्त यौगिकों के ऑक्सीकरण से सल्फर डाइऑक्साइड उत्पन्न हो सकती है।
इसका उत्सर्जन अवशेषों में उपस्थित सल्फर की मात्रा पर निर्भर करता है और सामान्यतः उच्च-सल्फर जीवाश्म ईंधनों की तुलना में कम होता है।
फसल अवशेष जलाने से इनके अतिरिक्त PM₂.₅, PM₁₀, ब्लैक कार्बन, नाइट्रोजन ऑक्साइड और वाष्पशील कार्बनिक यौगिक भी निकलते हैं।
ये प्रदूषक धूम-कोहरे, दृश्यता में कमी, श्वसन संबंधी समस्याओं और जलवायु परिवर्तन में योगदान कर सकते हैं।
अतः फसल/जैव मात्रा अवशेषों के दहन के कारण सूचीबद्ध चारों प्रदूषक वायुमंडल में सीधे उत्सर्जित अथवा द्वितीयक रूप से निर्मित हो सकते हैं।