Previous Year Question
निम्नलिखित फसलों में से कौन-सी एक मीथेन और नाइट्रस ऑक्साइड दोनों का सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण मानवोद्भवी स्रोत है?
कपास
धान
गन्ना
गेहूँ
Correct Answer: B
Detailed Solution
धान के खेत मीथेन और नाइट्रस ऑक्साइड दोनों के महत्त्वपूर्ण मानवजनित कृषि-स्रोत हैं।
धान की खेती में खेतों को लंबे समय तक जलमग्न रखने से मिट्टी के छिद्रों में उपस्थित ऑक्सीजन समाप्त हो जाती है और अवायवीय परिस्थितियाँ बन जाती हैं।
इन अवायवीय परिस्थितियों में मिथेनोजेनिक सूक्ष्मजीव जैविक पदार्थों का अपघटन करके मीथेन (CH₄) उत्पन्न करते हैं।
धान के पौधों में वायु-संचार के लिए विशेष ऊतक पाए जाते हैं, जिन्हें एरेनकाइमा कहा जाता है। इनके माध्यम से मिट्टी में उत्पन्न मीथेन वायुमंडल तक पहुँच सकती है।
मीथेन का कुछ भाग मिट्टी के बुलबुलों तथा सिंचाई के जल के माध्यम से भी वायुमंडल में पहुँचता है।
धान की पुआल, गोबर और अन्य जैविक पदार्थों को जलमग्न खेत में मिलाने से सूक्ष्मजीवों को अतिरिक्त कार्बनिक पदार्थ मिलता है, जिससे मीथेन उत्पादन बढ़ सकता है।
धान के खेतों में नाइट्रोजनयुक्त उर्वरकों के प्रयोग तथा मिट्टी में होने वाली नाइट्रीकरण और विनाइट्रीकरण प्रक्रियाओं से नाइट्रस ऑक्साइड (N₂O) उत्पन्न हो सकती है।
खेत को गीला और सूखा रखने के क्रम में ऑक्सीजन की उपलब्धता बदलती रहती है। यह परिवर्तन नाइट्रीकरण और विनाइट्रीकरण दोनों प्रक्रियाओं को प्रभावित करता है।
लगातार जलमग्नता को कम करने और वैकल्पिक क्लेदन-शुष्कन अपनाने से मीथेन उत्सर्जन कम किया जा सकता है, लेकिन नाइट्रस ऑक्साइड को नियंत्रित करने के लिए जल और नाइट्रोजन का संतुलित प्रबंधन भी आवश्यक है।
कपास, गन्ने और गेहूँ की खेती में नाइट्रोजनयुक्त उर्वरकों के कारण नाइट्रस ऑक्साइड निकल सकती है, लेकिन इनके खेत सामान्यतः धान के खेतों की तरह लंबे समय तक जलमग्न नहीं रहते।
इसलिए इन फसलों से मीथेन का उत्पादन धान के जलमग्न खेतों की तुलना में बहुत कम होता है।
मीथेन और नाइट्रस ऑक्साइड दोनों शक्तिशाली ग्रीनहाउस गैसें हैं। अतः धान की खेती में जल, उर्वरक और जैविक पदार्थों का उचित प्रबंधन महत्त्वपूर्ण है।