Previous Year Question
‘धान गहनता प्रणाली’ की खेती, जिसमें धान के खेतों में बारी-बारी से क्लेदन और शुष्कन किया जाता है, के परिणामस्वरूप होते हैं :
बीज की कम आवश्यकता
मेथेन का कम उत्पादन
बिजली की कम खपत
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए :
केवल 1 और 2
केवल 2 और 3
केवल 1 और 3
1, 2 और 3
Correct Answer: D
Detailed Solution
धान गहनता प्रणाली (SRI) धान की कोई अलग किस्म नहीं, बल्कि धान की खेती के प्रबंधन की एक पद्धति है।
इस पद्धति का विकास 1980 के दशक में मेडागास्कर में हुआ था। इसका उद्देश्य कम बीज, कम जल और बेहतर फसल-प्रबंधन द्वारा उत्पादकता बढ़ाना है।
SRI में सामान्यतः कम आयु वाले पौधों की रोपाई, एक स्थान पर एक पौधा, अधिक दूरी पर रोपाई, खेत को लगातार जलमग्न न रखना और यांत्रिक निराई जैसी पद्धतियाँ अपनाई जाती हैं।
कथन 1 सही है: SRI में एक स्थान पर सामान्यतः केवल एक पौधा लगाया जाता है और पौधों को उचित दूरी पर रोपा जाता है।
पारंपरिक सघन रोपाई की तुलना में कम पौध और कम बीज की आवश्यकता होती है। उचित दूरी से जड़ों तथा शाखाओं के विकास के लिए अधिक स्थान मिलता है।
कथन 2 सही है: लगातार जलमग्न धान के खेतों में ऑक्सीजन की कमी वाली अवायवीय परिस्थितियाँ बनती हैं।
इन परिस्थितियों में सूक्ष्मजीव जैविक पदार्थ का अपघटन करके मेथेन उत्पन्न करते हैं। मेथेन एक शक्तिशाली ग्रीनहाउस गैस है।
SRI में खेत को बारी-बारी से गीला और सूखा रखने से मिट्टी में वायु का प्रवेश बढ़ता है तथा मेथेन उत्पन्न करने वाली अवायवीय परिस्थितियाँ कम होती हैं।
इसलिए लगातार जलमग्न खेती की तुलना में मेथेन का उत्पादन कम हो सकता है।
कथन 3 सही है: खेत को लगातार जलमग्न नहीं रखने के कारण सिंचाई के लिए अपेक्षाकृत कम जल पम्प करना पड़ता है।
जल पम्प करने की आवश्यकता कम होने से बिजली अथवा डीजल की खपत भी कम होती है।
वैकल्पिक क्लेदन और शुष्कन से जड़ों को ऑक्सीजन मिलती है, उनकी वृद्धि बेहतर होती है और पौधे पोषक तत्त्वों का अधिक प्रभावी उपयोग कर सकते हैं।
SRI की सफलता मिट्टी, जल की उपलब्धता, स्थानीय जलवायु, रोपाई के समय और उचित खेत-प्रबंधन पर निर्भर करती है।
अतः कम बीज आवश्यकता, कम मेथेन उत्पादन और कम बिजली खपत—तीनों SRI के संभावित परिणाम हैं। इसलिए कथन 1, 2 और 3 सही हैं।