Previous Year Question
निम्नलिखित पर विचार कीजिए :
कार्बन मोनोक्साइड
नाइट्रोजन ऑक्साइड
ओजोन
सल्फर डाइऑक्साइड
पर्यावरण में उपर्युक्त में से किनकी अधिकता अम्ल वर्षा का/के कारण है/हैं?
1, 2 और 3
2 और 4
केवल 4
1, 3 और 4
Correct Answer: B
Detailed Solution
2. नाइट्रोजन ऑक्साइड—अम्ल वर्षा का कारण है।
नाइट्रोजन ऑक्साइडों को सामूहिक रूप से NOₓ कहा जाता है और इनमें मुख्यतः nitric oxide तथा nitrogen dioxide सम्मिलित होते हैं।
इनका प्रमुख मानवीय स्रोत वाहनों, ताप विद्युत संयंत्रों और औद्योगिक इकाइयों में उच्च तापमान पर जीवाश्म ईंधन का दहन है।
वायुमंडल में nitric oxide का oxidation होकर nitrogen dioxide बन सकता है।
nitrogen dioxide जल, oxygen और अन्य oxidising agents के साथ अभिक्रिया करके nitric acid बनाती है।
nitric acid वर्षा, हिम, कोहरे अथवा सूखे कणों के साथ पृथ्वी की सतह पर पहुँच सकता है।
इसलिए नाइट्रोजन ऑक्साइड अम्लीय निक्षेपण के प्रमुख precursor हैं।
4. सल्फर डाइऑक्साइड—अम्ल वर्षा का कारण है।
सल्फर डाइऑक्साइड मुख्यतः कोयला और तेल जैसे सल्फर-युक्त जीवाश्म ईंधनों के दहन से निकलती है।
ताप विद्युत संयंत्र, धातु प्रगलन और कुछ औद्योगिक प्रक्रियाएँ इसके प्रमुख मानवीय स्रोत हैं।
ज्वालामुखीय गतिविधि सल्फर डाइऑक्साइड का प्राकृतिक स्रोत हो सकती है।
वायुमंडल में SO₂ का oxidation होकर sulfur trioxide और sulfate compounds बन सकते हैं।
ये यौगिक जल से अभिक्रिया करके sulfuric acid बनाते हैं।
sulfuric acid वर्षा या अन्य निक्षेपण के माध्यम से पृथ्वी की सतह तक पहुँचता है।
इसलिए सल्फर डाइऑक्साइड अम्ल वर्षा का प्रमुख precursor है।
1. कार्बन मोनोक्साइड—अम्ल वर्षा का प्रमुख कारण नहीं है।
कार्बन मोनोक्साइड अपूर्ण दहन से उत्पन्न होने वाली रंगहीन और गंधहीन गैस है।
यह रक्त में haemoglobin से जुड़कर शरीर की oxygen-वहन क्षमता को कम कर सकती है।
यह वायुमंडलीय रासायनिक अभिक्रियाओं और ground-level ozone के निर्माण को अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित कर सकती है।
परंतु यह sulfuric acid या nitric acid बनाने वाला प्रमुख precursor नहीं है।
इसलिए इसे अम्ल वर्षा का मुख्य कारण नहीं माना जाता है।
3. ओजोन—अम्ल वर्षा का प्रमुख कारण नहीं है।
धरातलीय ओजोन nitrogen oxides और volatile organic compounds की सूर्य के प्रकाश में होने वाली photochemical reactions से बनती है।
यह एक secondary pollutant और शक्तिशाली oxidising agent है।
यह श्वसन-तंत्र, फसलों और वनस्पतियों को नुकसान पहुँचा सकती है।
परंतु ओजोन स्वयं अम्ल वर्षा उत्पन्न करने वाला प्रमुख अम्लीय precursor नहीं है।
इसलिए इसे अम्ल वर्षा के मुख्य कारणों में सम्मिलित नहीं किया जाता है।
अम्ल वर्षा से संबंधित महत्त्वपूर्ण तथ्य
सामान्य वर्षाजल dissolved carbon dioxide से बनने वाले कमजोर carbonic acid के कारण हल्का अम्लीय होता है।
सामान्य वर्षाजल का pH लगभग 5.6 माना जाता है।
5.6 से कम pH वाले वर्षण को सामान्यतः acid precipitation कहा जाता है।
अम्लीय निक्षेपण wet deposition और dry deposition दोनों रूपों में हो सकता है।
Wet deposition में अम्लीय वर्षा, हिम, ओले और कोहरा सम्मिलित होते हैं।
Dry deposition में अम्लीय गैसें और कण बिना वर्षण के सतहों पर जमा होते हैं।
अम्लीय निक्षेपण झीलों और नदियों का pH घटा सकता है, मिट्टी से पोषक तत्वों का leaching बढ़ा सकता है और aluminium जैसी धातुओं को अधिक घुलनशील बना सकता है।
इससे जलीय जीवों, वनों, फसलों, भवनों और चूना-पत्थर या संगमरमर से निर्मित स्मारकों को नुकसान हो सकता है।
SO₂ और NOₓ लंबी दूरी तक वायुमंडल में पहुँच सकते हैं; इसलिए अम्ल वर्षा सीमापार पर्यावरणीय समस्या भी हो सकती है।