Previous Year Question
निम्नलिखित में से कौन-से नाइट्रोजन-स्थिरीकरण पादप हैं?
अल्फाल्फा
ऐमेरैंथस
चना
क्लोवर
पर्सलेन (कुलफा)
पालक
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
1, 3 और 4
1, 3, 5 और 6
2, 4, 5 और 6
1, 2, 4, 5 और 6
Correct Answer: A
Detailed Solution
1. अल्फाल्फा—नाइट्रोजन-स्थिरीकरण पादप है।
अल्फाल्फा का वैज्ञानिक नाम Medicago sativa है और यह Fabaceae कुल का दलहनी पादप है।
इसकी जड़ों की ग्रंथियों में सामान्यतः Sinorhizobium meliloti जैसे सहजीवी जीवाणु पाए जाते हैं।
ये जीवाणु nitrogenase enzyme की सहायता से वायुमंडलीय N₂ को पौधे द्वारा उपयोग किए जा सकने वाले ammonia के रूप में परिवर्तित करते हैं।
अल्फाल्फा के बाद खेत में जड़ों और फसल-अवशेषों के माध्यम से नाइट्रोजन-समृद्ध कार्बनिक पदार्थ जुड़ सकते हैं।
इसलिए फसल-चक्र में अल्फाल्फा मिट्टी की उर्वरता सुधारने में सहायक हो सकता है।
2. ऐमेरैंथस—नाइट्रोजन-स्थिरीकरण पादप नहीं है।
ऐमेरैंथस Amaranthus वंश और Amaranthaceae कुल से संबंधित है।
इसकी जड़ों में दलहनी पादपों जैसी Rhizobium-युक्त नाइट्रोजन-स्थिरीकरण ग्रंथियाँ नहीं बनती हैं।
यह मिट्टी से पहले से उपलब्ध nitrate और ammonium को अवशोषित करता है।
इसलिए ऐमेरैंथस को नाइट्रोजन-स्थिरीकरण पादप नहीं माना जाता है।
3. चना—नाइट्रोजन-स्थिरीकरण पादप है।
चने का वैज्ञानिक नाम Cicer arietinum है और यह Fabaceae कुल का दलहनी पादप है।
इसकी जड़ों में Mesorhizobium समूह के जीवाणुओं के साथ सहजीवी ग्रंथियाँ बनती हैं।
जीवाणुओं को पौधे से carbohydrates और सुरक्षित आवास प्राप्त होता है, जबकि पौधे को स्थिर नाइट्रोजन प्राप्त होती है।
इस सहजीविता के कारण चने को बाहरी nitrogen fertiliser की अपेक्षाकृत कम आवश्यकता हो सकती है।
चने की जड़ें और फसल-अवशेष अगली फसल के लिए मिट्टी की नाइट्रोजन-अर्थव्यवस्था में योगदान कर सकते हैं।
4. क्लोवर—नाइट्रोजन-स्थिरीकरण पादप है।
क्लोवर Trifolium वंश का दलहनी पादप है और Fabaceae कुल से संबंधित है।
इसकी जड़ों में Rhizobium जीवाणुओं के साथ नाइट्रोजन-स्थिरीकरण ग्रंथियाँ बनती हैं।
इसी कारण क्लोवर का उपयोग चरागाहों, cover crop और crop rotation में किया जाता है।
क्लोवर मिट्टी में उपलब्ध नाइट्रोजन और कार्बनिक पदार्थ बढ़ाने में सहायता कर सकता है।
5. पर्सलेन (कुलफा)—नाइट्रोजन-स्थिरीकरण पादप नहीं है।
पर्सलेन का वैज्ञानिक नाम Portulaca oleracea है।
यह Portulacaceae कुल का रसीला पादप है और इसमें Rhizobium वाली जड़-ग्रंथियाँ नहीं बनती हैं।
यह वायुमंडलीय नाइट्रोजन का जैविक स्थिरीकरण नहीं करता है।
इसलिए पर्सलेन को नाइट्रोजन-स्थिरीकरण पादप नहीं माना जाता है।
6. पालक—नाइट्रोजन-स्थिरीकरण पादप नहीं है।
पालक का वैज्ञानिक नाम Spinacia oleracea है और यह Amaranthaceae कुल से संबंधित है।
इसकी जड़ों में नाइट्रोजन-स्थिरीकरण करने वाली सहजीवी ग्रंथियाँ नहीं बनती हैं।
पालक अपनी वृद्धि के लिए मिट्टी में उपलब्ध नाइट्रोजन पर निर्भर रहता है।
इसलिए पालक नाइट्रोजन-स्थिरीकरण पादप नहीं है।
महत्त्वपूर्ण तथ्य
तकनीकी रूप से पौधा स्वयं N₂ का स्थिरीकरण नहीं करता; उसकी जड़-ग्रंथियों में रहने वाले सहजीवी जीवाणु यह कार्य करते हैं।
Nitrogenase enzyme वायुमंडलीय नाइट्रोजन को ammonia में बदलता है।
यह enzyme oxygen के प्रति संवेदनशील होता है; leghemoglobin जड़-ग्रंथि में नियंत्रित oxygen-वातावरण बनाए रखने में सहायता करता है।
सभी नाइट्रोजन-स्थिरीकरण पादप दलहनी नहीं होते; कुछ non-leguminous actinorhizal plants Frankia जीवाणुओं के साथ नाइट्रोजन स्थिरीकरण करते हैं।
दिए गए विकल्पों में अल्फाल्फा, चना और क्लोवर ही दलहनी तथा नाइट्रोजन-स्थिरीकरण पादप हैं।