JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

ENVIRONMENT · 2022

Previous Year Question

निम्नलिखित में से कौन-से नाइट्रोजन-स्थिरीकरण पादप हैं?

  1. अल्फाल्फा

  2. ऐमेरैंथस

  3. चना

  4. क्लोवर

  5. पर्सलेन (कुलफा)

  6. पालक

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

A.

1, 3 और 4

B.

1, 3, 5 और 6

C.

2, 4, 5 और 6

D.

1, 2, 4, 5 और 6

Correct Answer: A

Detailed Solution

1. अल्फाल्फा—नाइट्रोजन-स्थिरीकरण पादप है।

  • अल्फाल्फा का वैज्ञानिक नाम Medicago sativa है और यह Fabaceae कुल का दलहनी पादप है।

  • इसकी जड़ों की ग्रंथियों में सामान्यतः Sinorhizobium meliloti जैसे सहजीवी जीवाणु पाए जाते हैं।

  • ये जीवाणु nitrogenase enzyme की सहायता से वायुमंडलीय N₂ को पौधे द्वारा उपयोग किए जा सकने वाले ammonia के रूप में परिवर्तित करते हैं।

  • अल्फाल्फा के बाद खेत में जड़ों और फसल-अवशेषों के माध्यम से नाइट्रोजन-समृद्ध कार्बनिक पदार्थ जुड़ सकते हैं।

  • इसलिए फसल-चक्र में अल्फाल्फा मिट्टी की उर्वरता सुधारने में सहायक हो सकता है।

2. ऐमेरैंथस—नाइट्रोजन-स्थिरीकरण पादप नहीं है।

  • ऐमेरैंथस Amaranthus वंश और Amaranthaceae कुल से संबंधित है।

  • इसकी जड़ों में दलहनी पादपों जैसी Rhizobium-युक्त नाइट्रोजन-स्थिरीकरण ग्रंथियाँ नहीं बनती हैं।

  • यह मिट्टी से पहले से उपलब्ध nitrate और ammonium को अवशोषित करता है।

  • इसलिए ऐमेरैंथस को नाइट्रोजन-स्थिरीकरण पादप नहीं माना जाता है।

3. चना—नाइट्रोजन-स्थिरीकरण पादप है।

  • चने का वैज्ञानिक नाम Cicer arietinum है और यह Fabaceae कुल का दलहनी पादप है।

  • इसकी जड़ों में Mesorhizobium समूह के जीवाणुओं के साथ सहजीवी ग्रंथियाँ बनती हैं।

  • जीवाणुओं को पौधे से carbohydrates और सुरक्षित आवास प्राप्त होता है, जबकि पौधे को स्थिर नाइट्रोजन प्राप्त होती है।

  • इस सहजीविता के कारण चने को बाहरी nitrogen fertiliser की अपेक्षाकृत कम आवश्यकता हो सकती है।

  • चने की जड़ें और फसल-अवशेष अगली फसल के लिए मिट्टी की नाइट्रोजन-अर्थव्यवस्था में योगदान कर सकते हैं।

4. क्लोवर—नाइट्रोजन-स्थिरीकरण पादप है।

  • क्लोवर Trifolium वंश का दलहनी पादप है और Fabaceae कुल से संबंधित है।

  • इसकी जड़ों में Rhizobium जीवाणुओं के साथ नाइट्रोजन-स्थिरीकरण ग्रंथियाँ बनती हैं।

  • इसी कारण क्लोवर का उपयोग चरागाहों, cover crop और crop rotation में किया जाता है।

  • क्लोवर मिट्टी में उपलब्ध नाइट्रोजन और कार्बनिक पदार्थ बढ़ाने में सहायता कर सकता है।

5. पर्सलेन (कुलफा)—नाइट्रोजन-स्थिरीकरण पादप नहीं है।

  • पर्सलेन का वैज्ञानिक नाम Portulaca oleracea है।

  • यह Portulacaceae कुल का रसीला पादप है और इसमें Rhizobium वाली जड़-ग्रंथियाँ नहीं बनती हैं।

  • यह वायुमंडलीय नाइट्रोजन का जैविक स्थिरीकरण नहीं करता है।

  • इसलिए पर्सलेन को नाइट्रोजन-स्थिरीकरण पादप नहीं माना जाता है।

6. पालक—नाइट्रोजन-स्थिरीकरण पादप नहीं है।

  • पालक का वैज्ञानिक नाम Spinacia oleracea है और यह Amaranthaceae कुल से संबंधित है।

  • इसकी जड़ों में नाइट्रोजन-स्थिरीकरण करने वाली सहजीवी ग्रंथियाँ नहीं बनती हैं।

  • पालक अपनी वृद्धि के लिए मिट्टी में उपलब्ध नाइट्रोजन पर निर्भर रहता है।

  • इसलिए पालक नाइट्रोजन-स्थिरीकरण पादप नहीं है।

महत्त्वपूर्ण तथ्य

  • तकनीकी रूप से पौधा स्वयं N₂ का स्थिरीकरण नहीं करता; उसकी जड़-ग्रंथियों में रहने वाले सहजीवी जीवाणु यह कार्य करते हैं।

  • Nitrogenase enzyme वायुमंडलीय नाइट्रोजन को ammonia में बदलता है।

  • यह enzyme oxygen के प्रति संवेदनशील होता है; leghemoglobin जड़-ग्रंथि में नियंत्रित oxygen-वातावरण बनाए रखने में सहायता करता है।

  • सभी नाइट्रोजन-स्थिरीकरण पादप दलहनी नहीं होते; कुछ non-leguminous actinorhizal plants Frankia जीवाणुओं के साथ नाइट्रोजन स्थिरीकरण करते हैं।

  • दिए गए विकल्पों में अल्फाल्फा, चना और क्लोवर ही दलहनी तथा नाइट्रोजन-स्थिरीकरण पादप हैं।

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