Previous Year Question
‘प्रत्यक्ष वात प्रग्रहण (डाइरेक्ट एयर कैप्चर)’, जो नई उभरती प्रौद्योगिकी है, के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा/कौन-से सही है/हैं?
I. इसे कार्बन प्रच्छादन की एक विधि के रूप में प्रयोग में ला सकते हैं।
II. यह प्लास्टिक उत्पादन हेतु और खाद्य प्रसंस्करण में एक बहुमूल्य उपागम हो सकता है।
III. विमानन में, यह संश्लिष्ट न्यून-कार्बन ईंधन जनन हेतु हाइड्रोजन में मिलाने के लिए कार्बन का स्रोत हो सकता है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
केवल I और II
केवल III
I, II और III
उपर्युक्त कथनों में से कोई भी सही नहीं है
Correct Answer: C
Detailed Solution
कथन I सही है।
प्रत्यक्ष वात प्रग्रहण या Direct Air Capture (DAC) ऐसी प्रौद्योगिकी है, जो परिवेशी वायु से सीधे कार्बन डाइऑक्साइड को अलग करती है।
यदि प्रगृहीत CO₂ को गहरे भूमिगत भूवैज्ञानिक संरचनाओं में स्थायी रूप से भंडारित किया जाता है, तो वायुमंडल से कार्बन का दीर्घकालीन निष्कासन होता है।
DAC को स्थायी कार्बन भंडारण से जोड़ने वाली प्रक्रिया को Direct Air Carbon Capture and Storage (DACCS) कहा जाता है।
इसलिए इसका प्रयोग कार्बन प्रच्छादन की एक विधि के रूप में किया जा सकता है।
कथन II सही है।
प्रगृहीत CO₂ का कार्बन प्लास्टिक, पॉलिमर, फोम और रेज़िन के उत्पादन में जीवाश्म-आधारित कच्चे माल के आंशिक विकल्प के रूप में उपयोग किया जा सकता है।
CO₂ से मेथेनॉल और अन्य रासायनिक मध्यवर्ती पदार्थ बनाए जा सकते हैं, जिनसे आगे प्लास्टिक का निर्माण किया जाता है।
खाद्य प्रसंस्करण में food-grade CO₂ का उपयोग पेय पदार्थों के carbonation, खाद्य पदार्थों को ठंडा या जमाने तथा modified-atmosphere packaging में किया जाता है।
इस प्रकार प्रगृहीत और आवश्यक स्तर तक शुद्ध की गई CO₂ प्लास्टिक उत्पादन तथा खाद्य प्रसंस्करण दोनों में उपयोगी हो सकती है।
कथन III सही है।
DAC से प्राप्त CO₂ को निम्न-कार्बन हाइड्रोजन के साथ मिलाकर संश्लिष्ट हाइड्रोकार्बन ईंधन बनाया जा सकता है।
इस प्रक्रिया को प्रायः Power-to-Liquid या e-fuel उत्पादन कहा जाता है।
इससे synthetic aviation fuel बनाया जा सकता है, जिसे आवश्यक प्रसंस्करण के बाद मौजूदा विमानन ईंधन अवसंरचना में प्रयोग किया जा सकता है।
इसलिए विमानन के लिए संश्लिष्ट न्यून-कार्बन ईंधन बनाने में DAC कार्बन का स्रोत हो सकता है।
महत्त्वपूर्ण अंतर
प्रगृहीत CO₂ का स्थायी भूमिगत भंडारण कार्बन निष्कासन और प्रच्छादन है।
प्रगृहीत CO₂ का ईंधन या प्लास्टिक में उपयोग अपने-आप स्थायी कार्बन प्रच्छादन नहीं होता है।
ऐसे उत्पादों का वास्तविक जलवायु लाभ प्रयुक्त ऊर्जा, CO₂ के स्रोत, उत्पाद की आयु और उसके संपूर्ण जीवन-चक्र पर निर्भर करता है।