Previous Year Question
भारत की कनेक्टिविटी परियोजनाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
स्वर्णिम चतुर्भुज परियोजना के अधीन पूर्व-पश्चिम गलियारा (कॉरिडोर), डिब्रूगढ़ और सूरत को जोड़ता है।
त्रिपक्षीय राजमार्ग मणिपुर में मोरेह को, म्यांमार से होते हुए, थाईलैंड में चियांग माई से जोड़ता है।
बांग्लादेश-चीन-भारत-म्यांमार आर्थिक गलियारा (कॉरिडोर) उत्तर प्रदेश में वाराणसी को चीन में कुनमिंग से जोड़ता है।
उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?
केवल एक
केवल दो
सभी तीन
कोई भी नहीं
Correct Answer: D
Detailed Solution
कथन 1 गलत है।
पूर्व-पश्चिम गलियारा स्वर्णिम चतुर्भुज नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना के उत्तर-दक्षिण एवं पूर्व-पश्चिम गलियारा घटक से संबंधित है।
स्वर्णिम चतुर्भुज दिल्ली, मुंबई, चेन्नई और कोलकाता को जोड़ता है।
पूर्व-पश्चिम गलियारे के वास्तविक अंतिम बिंदु असम का सिलचर और गुजरात का पोरबंदर हैं।
इसलिए डिब्रूगढ़ और सूरत—दोनों दिए गए अंतिम बिंदु गलत हैं।
कथन 2 गलत है।
भारत-म्यांमार-थाईलैंड त्रिपक्षीय राजमार्ग की परिकल्पना मणिपुर के मोरेह को म्यांमार से होते हुए थाईलैंड के माए सॉट से जोड़ने के लिए की गई है।
थाईलैंड में इसका अंतिम बिंदु चियांग माई नहीं, माए सॉट है।
कथन 3 गलत है।
बांग्लादेश-चीन-भारत-म्यांमार आर्थिक गलियारे की परिकल्पना भारत के कोलकाता को चीन के कुनमिंग से जोड़ने के लिए की गई थी।
इसके संपर्क क्षेत्र में बांग्लादेश और म्यांमार के ढाका, चटगाँव, मांडले तथा यांगून जैसे प्रमुख केंद्र आते हैं।
इसका भारतीय अंतिम बिंदु वाराणसी नहीं, कोलकाता है।
अतः तीनों कथन गलत हैं और सही उत्तर कोई भी नहीं है।