Previous Year Question
तमिलनाडु देश में मिल-निर्मित सूती धागे का एक प्रमुख उत्पादक है। इसका क्या कारण हो सकता है?
राज्य में काली कपास मिट्टी प्रमुख प्रकार की मिट्टी है।
कुशल श्रमिकों का समृद्ध भंडार उपलब्ध है।
उपरोक्त में से कौन-सा/से सही कारण है/हैं?
केवल 1
केवल 2
1 और 2 दोनों
न तो 1 और न ही 2
Correct Answer: B
Detailed Solution
कथन 1 गलत है।
तमिलनाडु में काली मिट्टी प्रमुख मृदा नहीं है।
तमिलनाडु सरकार के मृदा-वर्गीकरण के अनुसार राज्य के कुल क्षेत्र में:
लाल मिट्टी—39.34%
भूरी मिट्टी—37.89%
काली मिट्टी—16.38%
धूसर मिट्टी—3.50%
मिश्रित मिट्टी—2.03%
जलोढ़ मिट्टी—0.86%
अतः काली मिट्टी राज्य के केवल एक सीमित भाग में पाई जाती है; यह तमिलनाडु की प्रमुख मिट्टी नहीं है।
सूती धागे का निर्माण एक औद्योगिक प्रक्रिया है। इसके लिए कपास का उत्पादन उसी राज्य में होना अनिवार्य नहीं है—कच्ची कपास दूसरे राज्यों से भी मँगाई जा सकती है।
कथन 2 सही है।
तमिलनाडु में कताई और वस्त्र-निर्माण की पुरानी औद्योगिक परम्परा है।
कोयंबटूर और उसके आसपास कताई मिलों, मशीनरी, श्रमिकों तथा सहायक उद्योगों का सघन संकेंद्रण विकसित हुआ।
लंबे समय से विद्यमान कताई मिलों ने सूती धागा बनाने, मशीनें चलाने, गुणवत्ता नियंत्रित करने और मशीनों के रखरखाव से संबंधित कुशल श्रमबल तैयार किया।
इसलिए कुशल श्रमिकों की उपलब्धता मिल-निर्मित सूती धागे के उत्पादन में तमिलनाडु की अग्रणी स्थिति का प्रासंगिक कारण है।