Previous Year Question
भारत में इस्पात उत्पादन उद्योग को निम्नलिखित में से किसके आयात की अपेक्षा होती है?
शोरा
शैल फॉस्फेट
कोककारी कोयला
उपर्युक्त सभी
Correct Answer: C
Detailed Solution
भारत का एकीकृत इस्पात उद्योग मुख्यतः उच्च गुणवत्ता वाले कोककारी कोयले का आयात करता है। इसे धातुकर्मीय कोयला भी कहा जाता है।
कोककारी कोयला क्यों आवश्यक है?
कोककारी कोयले को कोक भट्ठियों में वायु की अनुपस्थिति में गर्म करके कोक बनाया जाता है।
कोक वात्या भट्ठी में तीन प्रमुख कार्य करता है:
यह जलकर आवश्यक उच्च ताप उत्पन्न करता है।
इससे बनने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड लौह ऑक्साइड को अपचयित करके धात्विक लोहा प्राप्त करने में सहायता करती है।
कठोर कोक वात्या भट्ठी के भीतर लौह अयस्क और फ्लक्स के भार को सहारा देता है तथा गैसों के आवागमन के लिए आवश्यक पारगम्यता बनाए रखता है।
वात्या भट्ठी-मूल ऑक्सीजन भट्ठी अर्थात् BF-BOF प्रक्रिया में लौह अयस्क और कोक से पहले तप्त धातु तैयार की जाती है और फिर इसे मूल ऑक्सीजन भट्ठी में इस्पात में परिवर्तित किया जाता है।
भारत आयात क्यों करता है?
भारत में कोककारी कोयले के संसाधन उपलब्ध हैं, विशेषकर गोंडवाना क्षेत्र में, लेकिन देश में उपलब्ध कोयले के बड़े भाग में राख की मात्रा अधिक और कोक बनाने के गुण अपेक्षाकृत कमजोर हैं।
उच्च राख वाला कोक वात्या भट्ठी में ईंधन की खपत बढ़ाता है, उत्पादकता घटाता है तथा स्लैग की मात्रा बढ़ा सकता है।
इसलिए इस्पात संयंत्र घरेलू उपलब्धता और आवश्यकता के अंतर को पूरा करने तथा कोयला मिश्रण की गुणवत्ता सुधारने के लिए कम राख वाला कोककारी कोयला आयात करते हैं।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं?
शोरा मुख्यतः पोटैशियम नाइट्रेट है। इसका उपयोग उर्वरकों, आतिशबाजी और विस्फोटकों आदि में होता है; यह इस्पात उत्पादन का प्रमुख आयातित कच्चा माल नहीं है।
शैल फॉस्फेट फॉस्फेट उर्वरकों और फॉस्फोरिक अम्ल के उत्पादन का प्रमुख कच्चा माल है; यह सामान्य इस्पात निर्माण का प्रमुख कच्चा माल नहीं है।
इसलिए विकल्प (a) और (b) गलत होने के कारण “उपर्युक्त सभी” भी गलत है।
सभी इस्पात निर्माण मार्गों को कोककारी कोयले की समान आवश्यकता नहीं होती। स्क्रैप आधारित विद्युत आर्क भट्ठी तथा कुछ प्रत्यक्ष अपचयित लौह प्रक्रियाएँ अलग कच्चे माल और ऊर्जा स्रोतों का उपयोग करती हैं। कोककारी कोयले की प्रमुख आवश्यकता विशेष रूप से एकीकृत BF-BOF इस्पात संयंत्रों में होती है।