Previous Year Question
भारत की निम्नलिखित फसलों पर विचार कीजिए :
मूँगफली
तिल
बाजरा
उपर्युक्त में से कौन-सा/से मुख्यतः वर्षा-पोषित फसल/फसलें है/हैं?
1 और 2
2 और 3
केवल 3
1, 2 और 3
Correct Answer: D
Detailed Solution
वर्षा-पोषित कृषि में फसल की जल-आवश्यकता मुख्यतः वर्षा से पूरी होती है और सुनिश्चित सिंचाई की उपलब्धता सीमित होती है। ऐसी खेती विशेष रूप से शुष्क एवं अर्द्ध-शुष्क क्षेत्रों में प्रचलित है।
मूँगफली: मूँगफली भारत की प्रमुख तिलहनी फसल है। इसका बड़ा भाग खरीफ ऋतु में वर्षा-पोषित दशाओं में उगाया जाता है। गुजरात, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र के विस्तृत अर्द्ध-शुष्क क्षेत्रों में इसकी खेती मानसूनी वर्षा पर निर्भर रहती है। मूँगफली कुछ सीमा तक सूखा सहन कर सकती है, लेकिन पुष्पन, पेग बनने और फलियों के विकास के समय पर्याप्त मृदा-नमी आवश्यक होती है। जलभराव इसके लिए हानिकारक है।
तिल: तिल कम अवधि वाली, अपेक्षाकृत सूखा-सहिष्णु और कम निवेश में उगाई जाने वाली तिलहनी फसल है। इसे प्रायः सीमांत एवं कम उपजाऊ भूमि पर वर्षा-पोषित परिस्थितियों में उगाया जाता है। इसकी जड़-प्रणाली मिट्टी की निचली परतों से नमी प्राप्त करने में सहायक होती है। तिल सूखे को सहन कर सकता है, लेकिन जलभराव के प्रति अत्यधिक संवेदनशील है।
बाजरा: बाजरा शुष्क एवं अर्द्ध-शुष्क क्षेत्रों की प्रमुख वर्षा-पोषित खाद्यान्न फसल है। यह उच्च तापमान, कम एवं अनिश्चित वर्षा तथा हल्की अथवा बलुई मिट्टी में भी उग सकता है। इसकी अपेक्षाकृत कम जल-आवश्यकता और सूखा-सहिष्णुता इसे राजस्थान, गुजरात और अन्य कम वर्षा वाले क्षेत्रों के लिए उपयुक्त बनाती है।
यहाँ मुख्यतः वर्षा-पोषित का अर्थ यह नहीं है कि इन फसलों की सिंचित खेती नहीं की जा सकती। इसका अर्थ है कि भारत में इनके क्षेत्रफल का बड़ा भाग वर्षा पर निर्भर परिस्थितियों में उगाया जाता है।