Previous Year Question
‘धारणीय गन्ना उपक्रमण’ के नाम से जानी जाने वाली गन्ना उत्पादन की व्यावहारिक पद्धति के क्या महत्त्व हैं?
इसमें बीज की लागत पारंपरिक कृषि पद्धति की तुलना में बहुत कम होती है।
इसमें ड्रिप सिंचाई का प्रभावकारी प्रयोग हो सकता है।
इसमें रासायनिक/अकार्बनिक उर्वरकों का बिल्कुल ही इस्तेमाल नहीं होता।
इसमें कृषि की पारंपरिक पद्धति की तुलना में अंतराशस्यन की ज्यादा गुंजाइश है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
1 और 3
1, 2 और 4
2, 3 और 4
उपर्युक्त सभी
Correct Answer: B
Detailed Solution
कथन 1 सही है: धारणीय गन्ना उपक्रमण अर्थात् Sustainable Sugarcane Initiative—SSI में परंपरागत तीन कलियों वाले गन्ने के टुकड़ों की बड़ी मात्रा सीधे खेत में लगाने के बजाय एकल-कली वाले बड-चिप से नर्सरी में पौध तैयार की जाती है। लगभग 25–35 दिन पुराने स्वस्थ पौधों को मुख्य खेत में प्रतिरोपित किया जाता है। कम बीज-सामग्री की आवश्यकता के कारण बीज एवं उसके परिवहन की लागत परंपरागत विधि की तुलना में काफी कम हो जाती है।
कथन 2 सही है: SSI में पौधों को अपेक्षाकृत अधिक दूरी पर लगाया जाता है और नियंत्रित जल-प्रबंधन पर बल दिया जाता है। चौड़ी दूरी पर लगाई गई पंक्तियों के साथ ड्रिप सिंचाई और फर्टिगेशन का प्रभावी प्रयोग किया जा सकता है। इससे जल सीधे जड़-क्षेत्र तक पहुँचता है तथा सतही बहाव, गहरी जल-हानि और अनावश्यक वाष्पीकरण कम होता है।
कथन 3 सही नहीं है: SSI रासायनिक अथवा अकार्बनिक उर्वरकों के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध नहीं लगाता। इसमें उर्वरकों के इष्टतम एवं दक्ष उपयोग, जैविक खाद, मृदा स्वास्थ्य और समन्वित पोषक-तत्त्व प्रबंधन पर बल दिया जाता है। अतः रासायनिक उर्वरकों की आवश्यकता कम की जा सकती है, लेकिन उनका बिल्कुल प्रयोग न होना SSI की अनिवार्य विशेषता नहीं है।
कथन 4 सही है: SSI में गन्ने की पंक्तियों के बीच अधिक दूरी रखी जाती है। उपलब्ध स्थान में दलहनी फसलें, सब्जियाँ अथवा अन्य उपयुक्त अल्पावधि फसलें उगाई जा सकती हैं। अंतराशस्यन से भूमि का अधिक दक्ष उपयोग, अतिरिक्त आय, खरपतवारों का आंशिक नियंत्रण और दलहनी फसलों के माध्यम से मृदा की पोषक स्थिति में सुधार हो सकता है।