Previous Year Question
भारत में पिछले पाँच वर्षों में खरीफ फसलों की खेती के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
धान की खेती के अधीन क्षेत्र सर्वाधिक है।
ज्वार की खेती के अधीन क्षेत्र, तिलहनों की खेती के अधीन क्षेत्र से अधिक है।
कपास की खेती के अधीन क्षेत्र, गन्ने की खेती के अधीन क्षेत्र से अधिक है।
गन्ने की खेती के अधीन क्षेत्र में लगातार कमी हुई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
केवल 1 और 3
केवल 2, 3 और 4
केवल 2 और 4
1, 2, 3 और 4
Correct Answer: A
Detailed Solution
इस प्रश्न में उत्पादन नहीं, बल्कि फसल के अधीन क्षेत्रफल पूछा है। प्रश्न के समय उपलब्ध लगभग 2013-14 से 2017-18 के आँकड़े प्रासंगिक हैं।
कथन 1 सही है।
इस अवधि में भारत में धान का क्षेत्रफल लगभग 43–44 मिलियन हेक्टेयर रहा।
धान भारत की सबसे बड़े क्षेत्र में उगाई जाने वाली खरीफ फसल थी।
धान की खेती केवल सिंचित उत्तर-पश्चिमी मैदानों तक सीमित नहीं है। पूर्वी भारत, तटीय मैदान, नदी-डेल्टा तथा अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में भी इसका व्यापक विस्तार है।
इसलिए विभिन्न वर्षों के मामूली उतार-चढ़ाव के बावजूद धान के अधीन क्षेत्र सर्वाधिक रहा।
कथन 2 गलत है।
ज्वार के अधीन क्षेत्र लगभग 4–6 मिलियन हेक्टेयर के बीच था।
इसके विपरीत, समस्त तिलहनों के अधीन क्षेत्र लगभग 25–28 मिलियन हेक्टेयर था।
तिलहनों में मूँगफली, सोयाबीन, सरसों-राई, सूरजमुखी, तिल, कुसुम, अलसी और नाइजर आदि सम्मिलित हैं।
अतः ज्वार का क्षेत्र तिलहनों के कुल क्षेत्र से बहुत कम था।
कथन 3 सही है।
इस अवधि में कपास का क्षेत्र सामान्यतः लगभग 11–13 मिलियन हेक्टेयर रहा।
गन्ने का क्षेत्र लगभग 4.4–5.1 मिलियन हेक्टेयर के बीच रहा।
इसलिए कपास के अधीन क्षेत्र गन्ने के क्षेत्र से लगभग दो से तीन गुना था।
यहाँ यह ध्यान रखना आवश्यक है कि गन्ना प्रति हेक्टेयर बहुत अधिक भार वाला उत्पादन देता है, परंतु प्रश्न क्षेत्रफल की तुलना कर रहा है—कुल उत्पादन की नहीं।
कथन 4 गलत है।
गन्ने के क्षेत्र में लगातार कमी नहीं हुई; इसमें उतार-चढ़ाव आया।
इसका क्षेत्र लगभग 5.01 मिलियन हेक्टेयर (2013-14) से बढ़कर करीब 5.07 मिलियन हेक्टेयर (2014-15) हुआ, बाद में घटकर लगभग 4.44 मिलियन हेक्टेयर (2016-17) रह गया और फिर लगभग 4.74 मिलियन हेक्टेयर (2017-18) हो गया।
अंतिम वर्ष में हुई वृद्धि के कारण इसे “लगातार कमी” नहीं कहा जा सकता।