JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

GEOGRAPHY · 2021

Previous Year Question

भारत में गन्ने की खेती में वर्तमान प्रवृत्तियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

  1. जब ‘बड चिप सैटलिंग्स (कलिका खंड पौध)’ को नर्सरी में उगाकर मुख्य कृषि भूमि में प्रतिरोपित किया जाता है, तब बीज सामग्री में बड़ी बचत होती है।

  2. जब सैट्स का सीधे रोपण किया जाता है, तब एक-कलिका सैट्स का अंकुरण प्रतिशत कई कलिकाओं वाले सैट्स की तुलना में बेहतर होता है।

  3. खराब मौसम की दशा में यदि सैट्स का सीधे रोपण किया जाता है, तब बड़े सैट्स की तुलना में एक-कलिका सैट्स का जीवित बचना बेहतर होता है।

  4. ऊतक संवर्धन से तैयार की गई सैटलिंग्स से गन्ने की खेती की जा सकती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/कौन-से सही है/हैं?

A.

केवल 1 और 2

B.

केवल 3

C.

केवल 1 और 4

D.

केवल 2, 3 और 4

Correct Answer: C

Detailed Solution

कथन 1 सही है।

  • बड-चिप तकनीक में गन्ने की पूरी गांठ या डंठल लगाने के स्थान पर कलिका तथा गांठ के एक छोटे हिस्से को काटकर नर्सरी में लगाया जाता है।

  • नर्सरी में तैयार स्वस्थ पौध को सामान्यतः लगभग 25–35 दिन बाद मुख्य खेत में प्रतिरोपित किया जा सकता है।

  • इसमें केवल कलिका वाला छोटा भाग उपयोग होता है; अतः पारंपरिक दो अथवा तीन कलिका वाले सैट्स की तुलना में बीज-गन्ने की मात्रा में पर्याप्त बचत होती है।

  • नर्सरी अवस्था में कमजोर, रोगग्रस्त अथवा न उगने वाली पौध को हटाकर केवल स्वस्थ पौध खेत में लगाई जा सकती है। इससे पौध-संख्या अधिक समान रहती है।

कथन 2 गलत है।

  • खेत में सीधे रोपण की दशा में एक-कलिका सैट्स का अंकुरण कई कलिकाओं वाले सैट्स से अनिवार्यतः बेहतर नहीं होता।

  • बड़े अथवा बहु-कलिका सैट्स में अधिक संचित कार्बोहाइड्रेट, नमी और पोषक भंडार होता है।

  • इनके अनेक कलिकाओं में से किसी एक कलिका के स्वस्थ रहने की संभावना भी अधिक होती है। इसलिए प्रत्यक्ष रोपण में इनकी स्थापना अपेक्षाकृत विश्वसनीय होती है।

  • एक-कलिका सामग्री का प्रमुख लाभ तब मिलता है जब उसे नियंत्रित नर्सरी में पौध के रूप में तैयार करके प्रतिरोपित किया जाए।

कथन 3 गलत है।

  • प्रत्यक्ष रोपण के बाद सूखा, अत्यधिक वर्षा, निम्न तापमान अथवा अन्य प्रतिकूल परिस्थितियों में छोटे एक-कलिका सैट्स के सूखने या सड़ने का जोखिम अधिक होता है।

  • बड़े सैट्स में अधिक जल एवं खाद्य भंडार और अनेक कलिकाएँ होती हैं। इसलिए खराब मौसम में बड़े सैट्स की उत्तरजीविता सामान्यतः बेहतर होती है।

कथन 4 सही है।

  • गन्ने का प्रवर्धन ऊतक संवर्धन अथवा सूक्ष्म-प्रवर्धन से तैयार पौध द्वारा किया जा सकता है।

  • ऊतक-संवर्धित पौध को पहले प्रयोगशाला में बढ़ाया जाता है, फिर उसका कठोरीकरण करके नर्सरी और उसके बाद खेत में लगाया जाता है।

  • यह तकनीक रोगमुक्त प्रारंभिक सामग्री, तीव्र बीज-गन्ना गुणन और आनुवंशिक रूप से शुद्ध रोपण-सामग्री तैयार करने में उपयोगी है।

  • ICAR के गुणवत्ता बीज-गन्ना कार्यक्रम में ऊतक-संवर्धित पौध की आनुवंशिक शुद्धता जाँचने तथा वायरस-सूचीकरण के बाद रोगमुक्त प्रारंभिक सामग्री के रूप में उपयोग का उल्लेख है।

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