Previous Year Question
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
प्राकृतिक गैस गोंडवाना संस्तरों में पायी जाती है।
अभ्रक प्रचुर मात्रा में कोडरमा में पाया जाता है।
धारवाड़ खनिज तेल के लिए प्रसिद्ध है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
1 और 2
केवल 2
2 और 3
कोई नहीं
Correct Answer: B
Detailed Solution
कथन 1: गलत
इस प्रश्न में प्राकृतिक गैस का प्रयोग परम्परागत प्राकृतिक गैस भंडारों के संदर्भ में हुआ है। गोंडवाना संस्तर मुख्यतः भारत के प्रमुख कोयला निक्षेपों के लिए प्रसिद्ध हैं, जबकि परम्परागत प्राकृतिक गैस के प्रमुख भंडार मुंबई हाई एवं पश्चिमी तट के संबद्ध क्षेत्रों, कैम्बे बेसिन और कृष्णा-गोदावरी बेसिन में बताए जाते हैं।
यहाँ एक महत्त्वपूर्ण आधुनिक अपवाद समझना चाहिए:
गोंडवाना कोयला संस्तरों में Coal Bed Methane—CBM पाया जाता है।
CBM प्राकृतिक गैस का एक अपरम्परागत रूप है और सरकार इसे कानूनी रूप से प्राकृतिक गैस मानती है।
हाइड्रोकार्बन महानिदेशालय के अनुसार पूर्वी भारत के गोंडवाना अवसाद भारत के वर्तमान CBM उत्पादक blocks का आधार हैं।
फिर भी 2013 के इस प्रश्न के पारम्परिक खनिज-वितरण वर्गीकरण में “गोंडवाना संस्तर—कोयला” और “युवा अवसादी बेसिन—पेट्रोलियम एवं परम्परागत प्राकृतिक गैस” का संबंध लिया गया है। इसलिए कथन 1 को गलत माना गया है।
कथन 2: सही
कोडरमा झारखंड के उत्तरी छोटानागपुर क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक अभ्रक क्षेत्र है।
NCERT के अनुसार छोटानागपुर पठार के उत्तरी किनारे पर अभ्रक निक्षेप मिलते हैं और कोडरमा–गया–हजारीबाग पेटी इसका प्रमुख उत्पादक क्षेत्र रही है।
कोडरमा जिला प्रशासन के अनुसार यह क्षेत्र कभी विश्व स्तर पर अभ्रक उत्पादन के लिए प्रसिद्ध था और इसे भारत की Mica Capital कहा जाता था।
अभ्रक परतों अथवा पत्तियों में विभाजित होने वाला खनिज है। इसकी dielectric strength, विद्युत-रोधक क्षमता और उच्च voltage सहने की क्षमता के कारण इसका उपयोग विद्युत तथा इलेक्ट्रॉनिक उद्योगों में होता है।
कथन 3: गलत
यहाँ “धारवाड़” से आशय केवल कर्नाटक के धारवाड़ जिले से नहीं, बल्कि धारवाड़ शैल-समूह से है।
धारवाड़ सुपरग्रुप अत्यन्त प्राचीन Precambrian शैलों से निर्मित है। इसमें metagreywacke, metabasalt, schist, quartzite और granitic gneiss जैसी आग्नेय एवं कायांतरित शैलें मिलती हैं।
धारवाड़ शैल-क्षेत्र लौह अयस्क, मैंगनीज और सोने जैसे धात्विक खनिजों से संबंधित हैं; पेट्रोलियम के लिए प्रसिद्ध नहीं हैं।
व्यावसायिक पेट्रोलियम संचय के लिए सामान्यतः कार्बनिक पदार्थों से समृद्ध source rock, छिद्रयुक्त reservoir rock, अभेद्य cap rock तथा उपयुक्त trap वाला अवसादी बेसिन आवश्यक होता है। प्राचीन, अत्यधिक कायांतरित धारवाड़ शैलें सामान्यतः ऐसी petroleum system नहीं बनातीं।