Previous Year Question
भारत के निम्नलिखित क्षेत्रों में से किसमें/किनमें शेल गैस के संसाधन पाए जाते हैं?
कैम्बे बेसिन
कावेरी बेसिन
कृष्णा-गोदावरी बेसिन
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
केवल 1 और 2
केवल 3
केवल 2 और 3
1, 2 और 3
Correct Answer: D
Detailed Solution
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अंतर्गत हाइड्रोकार्बन महानिदेशालय ने कैम्बे, गोंडवाना, कृष्णा-गोदावरी और कावेरी के स्थलीय भागों सहित अनेक अवसादी बेसिनों में शेल गैस की सम्भावना दर्ज की है। अतः प्रश्न में दिए गए तीनों बेसिन सही हैं।
बेसिन-वार स्थिति
बेसिन | भौगोलिक स्थिति | शेल गैस की स्थिति |
कैम्बे बेसिन | मुख्यतः गुजरात | शेल गैस संसाधन एवं अन्वेषण क्षेत्र |
कावेरी बेसिन | मुख्यतः तमिलनाडु–पुदुचेरी क्षेत्र तथा संलग्न अपतटीय भाग | शेल गैस की सम्भावना वाला स्थलीय बेसिन |
कृष्णा-गोदावरी बेसिन | पूर्वी तट, मुख्यतः आंध्र प्रदेश तथा संलग्न अपतटीय भाग | शेल गैस संसाधन एवं अन्वेषण क्षेत्र |
शेल गैस क्या है?
शेल गैस मुख्यतः मीथेन से युक्त प्राकृतिक गैस है, जो अत्यन्त कम पारगम्यता वाली शेल चट्टानों के भीतर फँसी रहती है।
यह अपरम्परागत हाइड्रोकार्बन है। परम्परागत गैस स्रोत-शैल से निकलकर किसी छिद्रयुक्त reservoir rock में एकत्र हो जाती है, जबकि शेल गैस प्रायः अपनी मूल शेल संरचना में ही रहती है।
कम पारगम्यता के कारण इसके निष्कर्षण में सामान्यतः क्षैतिज ड्रिलिंग और hydraulic fracturing जैसी तकनीकों की आवश्यकता पड़ती है।
आँकड़ों का महत्त्व
ONGC ने पाँच बेसिनों—कैम्बे, गंगा घाटी, असम एवं असम-अराकान, कृष्णा-गोदावरी और कावेरी—में लगभग 187.5 TCF शेल गैस संसाधन का अनुमान दिया था।
USGS ने केवल कैम्बे, कृष्णा-गोदावरी और कावेरी के स्थलीय भागों में लगभग 6.1 TCF technically recoverable shale gas का अनुमान लगाया था।
दोनों आँकड़ों को जोड़ना उचित नहीं है। पहला व्यापक संसाधन-अनुमान है, जबकि दूसरा तकनीकी रूप से निकाले जा सकने वाले संसाधन का अनुमान है।
यहाँ “संसाधन पाए जाते हैं” का अर्थ सम्भावित अथवा आकलित भूवैज्ञानिक संसाधन है; इसका अर्थ यह नहीं कि प्रत्येक स्थान पर समान मात्रा में प्रमाणित, व्यावसायिक रूप से निकाले जाने योग्य भंडार या उत्पादन उपलब्ध है।