Previous Year Question
भारत के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
मोनाजाइट दुर्लभ मृदा तत्त्वों का स्रोत है।
मोनाजाइट में थोरियम होता है।
भारत के समस्त तटीय बालू में मोनाजाइट प्राकृतिक रूप में होता है।
भारत में, सरकारी निकाय ही मोनाजाइट संसाधित अथवा निर्यात कर सकते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
1, 2 और 3
1, 2 और 4
3 और 4
1, 2, 3 और 4
Correct Answer: B
Detailed Solution
कथन 1 सही है। मोनाजाइट भारत में दुर्लभ मृदा तत्त्वों का प्राथमिक खनिज स्रोत है। सितंबर 2022 तक भारत में लगभग 13.07 मिलियन टन इन-सीटू मोनाजाइट संसाधन स्थापित किए गए थे, जिनमें लगभग 55–60% कुल दुर्लभ मृदा तत्त्व ऑक्साइड पाया जाता है।
कथन 2 सही है। मोनाजाइट दुर्लभ मृदा तत्त्वों के साथ थोरियम युक्त खनिज भी है। इसी रेडियोधर्मी तत्त्व की उपस्थिति के कारण मोनाजाइट को परमाणु ऊर्जा अधिनियम, 1962 के अंतर्गत विहित पदार्थ—Prescribed Substance माना गया है।
कथन 3 गलत है। मोनाजाइट भारत के संपूर्ण तटीय बालू में नहीं मिलता। इसके संसाधन केरल, तमिलनाडु, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र और गुजरात के तटीय प्लेसर बालू के कुछ भागों में स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त झारखंड, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के अंतर्देशीय प्लेसर क्षेत्रों में भी यह पाया जाता है। अतः “भारत के समस्त तटीय बालू” कहना गलत है।
कथन 4 सही है। प्रश्नकालीन व्यवस्था में परमाणु ऊर्जा विभाग ने किसी निजी संस्था को मोनाजाइट के उत्पादन, उसके डाउनस्ट्रीम प्रसंस्करण अथवा निर्यात की अनुमति नहीं दी थी। सरकारी सार्वजनिक उपक्रम IREL ही मोनाजाइट के उत्पादन, प्रसंस्करण और घरेलू उपयोग अथवा निर्यात के लिए अधिकृत संस्था था।
ध्यान रहे—रेडियोधर्मिता से मुक्त किए जा चुके दुर्लभ मृदा ऑक्साइड अथवा यौगिक निजी क्षेत्र को उपलब्ध हो सकते हैं; यह कच्चे मोनाजाइट के प्रसंस्करण की अनुमति के समान नहीं है।