Previous Year Question
भारत में कोयला-आधारित ताप विद्युत संयंत्रों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
उनमें से किसी में भी समुद्री जल का उपयोग नहीं होता है।
उनमें से कोई भी जल-संकटग्रस्त जिले में स्थापित नहीं है।
उनमें से कोई भी निजी स्वामित्व में नहीं है।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?
केवल एक
केवल दो
सभी तीन
कोई भी नहीं
Correct Answer: D
Detailed Solution
तीनों कथन गलत हैं।
कथन 1 गलत है: भारत के कुछ तटीय कोयला-आधारित ताप विद्युत संयंत्र समुद्री जल का उपयोग करते हैं। गुजरात स्थित मुंद्रा अल्ट्रा मेगा पावर प्रोजेक्ट के संदर्भ में समुद्री जल पम्प हाउस, रिवर्स ऑस्मोसिस संयंत्र तथा समुद्री जल आधारित प्रणाली का आधिकारिक उल्लेख मिलता है। अतः यह कहना गलत है कि किसी भी संयंत्र में समुद्री जल का उपयोग नहीं होता।
कथन 2 गलत है: भारत में ताप विद्युत संयंत्र जल-संकटग्रस्त क्षेत्रों में भी स्थापित हैं। महाराष्ट्र के बीड जिले में स्थित परली ताप विद्युत संयंत्र की इकाइयाँ गंभीर जलाभाव के कारण बंद करनी पड़ी थीं। यह उदाहरण स्पष्ट करता है कि ताप विद्युत संयंत्र जल-संकटग्रस्त जिलों में स्थित हो सकते हैं।
ताप विद्युत संयंत्रों में जल की आवश्यकता मुख्यतः निम्नलिखित कार्यों के लिए होती है:
संघनित्र में भाप को ठंडा करने के लिए
बॉयलर फीड वाटर के रूप में
राख के प्रबंधन के लिए
फ्लू गैस डिसल्फराइजेशन तथा अन्य प्रदूषण-नियंत्रण प्रणालियों में
कथन 3 गलत है: भारत में अनेक कोयला-आधारित ताप विद्युत संयंत्र निजी क्षेत्र के स्वामित्व में हैं। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की सूची में SKS बिंजकोट, JSW रत्नागिरि तथा GMR कमलांगा जैसे निजी क्षेत्र के ताप विद्युत संयंत्र दर्ज हैं।