Previous Year Question
भारत के ‘चांगपा’ समुदाय के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
वे मुख्यतः उत्तराखंड राज्य में रहते हैं।
वे पश्मीना बकरियों को पालते हैं जिनसे महीन ऊन प्राप्त होता है।
उन्हें अनुसूचित जनजाति की श्रेणी में रखा गया है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
केवल 1
केवल 2 और 3
केवल 3
1, 2 और 3
Correct Answer: B
Detailed Solution
कथन 1 गलत है: चांगपा मुख्यतः उत्तराखंड में नहीं रहते। वे पूर्वी लद्दाख के उच्च तुंगता वाले चांगथांग क्षेत्र से संबंधित अर्ध-घुमंतू पशुपालक समुदाय हैं। चांगथांग अत्यधिक ठंडा, शुष्क तथा कम वनस्पति वाला उच्च पठारी क्षेत्र है। चांगपा अपने पशुओं के लिए उपलब्ध चरागाहों के अनुसार मौसमी प्रवास करते हैं।
कथन 2 सही है: चांगपा समुदाय मुख्यतः चांगथांगी अथवा पश्मीना बकरियों का पालन करता है। यह बकरी लद्दाख के उच्च तुंगता वाले क्षेत्रों की देशज नस्ल है और वहाँ की अत्यधिक ठंडी जलवायु के अनुकूल है।
पश्मीना बकरी के शरीर पर मोटे बाहरी बालों के नीचे अत्यंत महीन अंतःरोम विकसित होता है। इसी महीन अंतःरोम से पश्मीना प्राप्त होता है। सरकारी जानकारी के अनुसार लद्दाखी पश्मीना के रेशे की मोटाई लगभग 12–15 माइक्रोन होती है। इसलिए इसे विश्व की अत्यंत महीन और मूल्यवान प्राकृतिक रेशों में गिना जाता है।
यह केवल एक पशुपालन गतिविधि नहीं है; पश्मीना चांगपा समुदाय की आजीविका, मौसमी प्रवास और चांगथांग की चरागाही अर्थव्यवस्था का आधार है।
कथन 3 सही है: भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय की अनुसूचित जनजातियों की आधिकारिक सूची में चांगपा समुदाय सम्मिलित है। अतः इसे अनुसूचित जनजाति की श्रेणी में रखा गया है।
इस प्रकार:
चांगपा का प्रमुख निवास क्षेत्र—चांगथांग, लद्दाख
प्रमुख पशु—चांगथांगी अथवा पश्मीना बकरी
प्रमुख उत्पाद—अत्यंत महीन पश्मीना रेशा
संवैधानिक स्थिति—अनुसूचित जनजाति