JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

GEOGRAPHY · 2010

Previous Year Question

भारत में निम्नलिखित में से किस प्रकार का वन सर्वाधिक वृहत क्षेत्र में पाया जाता है?

A.

पर्वतीय आर्द्र शीतोष्ण वन

B.

उपोष्ण शुष्क सदाबहार वन

C.

उष्णकटिबंधीय आर्द्र पर्णपाती वन

D.

उष्णकटिबंधीय आर्द्र सदाबहार वन

Correct Answer: C

Detailed Solution

दिए गए वन-प्रकारों में उष्णकटिबंधीय आर्द्र पर्णपाती वन भारत में सर्वाधिक विस्तृत क्षेत्र में पाए जाते हैं। इन्हें आर्द्र मानसूनी वन भी कहा जाता है।

यहाँ वन-प्रकार का निर्धारण जलवायु, वर्षा, ऊँचाई, मृदा और प्रमुख वृक्ष-प्रजातियों के आधार पर किया गया है। इसे प्रशासनिक वन-क्षेत्र अथवा उपग्रह से मापे गए सघन एवं खुले वन-आवरण से अलग समझना चाहिए।

जलवायवीय विशेषताएँ

  • इन वनों का विकास सामान्यतः लगभग 100 से 200 सेमी वार्षिक वर्षा वाले क्षेत्रों में होता है।

  • यहाँ वर्षा का अधिकांश भाग मानसून ऋतु में प्राप्त होता है।

  • वर्ष के एक भाग में स्पष्ट शुष्क ऋतु पाई जाती है।

  • जल की कमी कम करने के लिए वृक्ष ग्रीष्मकालीन शुष्क अवधि में लगभग छह से आठ सप्ताह तक अपनी पत्तियाँ गिरा सकते हैं।

ये वन उष्णकटिबंधीय आर्द्र सदाबहार वनों की तुलना में कम घने होते हैं, जिससे आर्थिक उपयोग वाले वृक्षों तक पहुँचना अपेक्षाकृत आसान होता है।

भारत में वितरण

उष्णकटिबंधीय आर्द्र पर्णपाती वन मुख्यतः—

  • पश्चिमी घाट की पूर्वी ढालों;

  • झारखंड और छोटानागपुर पठार;

  • ओडिशा और छत्तीसगढ़;

  • पूर्वी मध्य प्रदेश;

  • हिमालय के गिरिपदीय क्षेत्रों;

  • पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर भारत के कुछ भागों

में पाए जाते हैं।

प्रमुख वृक्ष-प्रजातियाँ

  • साल: उत्तरी, पूर्वी और मध्य भारत के आर्द्र पर्णपाती वनों में प्रमुख।

  • सागौन: मध्य और प्रायद्वीपीय भारत में प्रमुख।

  • इनके साथ शीशम, महुआ, बाँस, अर्जुन, बीजा, सेमल, कुसुम और चंदन जैसी प्रजातियाँ भी मिल सकती हैं।

अन्य विकल्प क्यों गलत हैं?

  • (a) पर्वतीय आर्द्र शीतोष्ण वन: ये हिमालय और दक्षिण भारत की ऊँची पर्वतीय पट्टियों तक सीमित हैं। ओक, चेस्टनट, मैग्नोलिया तथा कुछ शंकुधारी वृक्ष इनके प्रमुख घटक हैं।

  • (b) उपोष्ण शुष्क सदाबहार वन: इनका विस्तार बहुत सीमित है और ये मुख्यतः उत्तर-पश्चिमी उपोष्ण पर्वतीय क्षेत्रों में छोटे खंडों में पाए जाते हैं।

  • (d) उष्णकटिबंधीय आर्द्र सदाबहार वन: इनके लिए सामान्यतः 200 सेमी से अधिक वर्षा और छोटी अथवा अनुपस्थित शुष्क ऋतु आवश्यक होती है। ये पश्चिमी घाट, पूर्वोत्तर भारत तथा अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों तक सीमित हैं।

परीक्षा-बिंदु

प्रश्न दिए गए चार विकल्पों की तुलना करता है। भारत में उष्णकटिबंधीय शुष्क पर्णपाती वन भी अत्यंत विस्तृत हैं, लेकिन वे विकल्पों में नहीं दिए गए हैं। दिए गए विकल्पों में उष्णकटिबंधीय आर्द्र पर्णपाती वन का विस्तार सर्वाधिक है।

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