JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

GEOGRAPHY · 2010

Previous Year Question

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिये:

  1. टैक्सस वृक्ष हिमालय में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है।

  2. टैक्सस वृक्ष रेड डाटा बुक में सूचीबद्ध है।

  3. टैक्सस वृक्ष से “टैक्सॉल” नामक औषध प्राप्त की जाती है जो पार्किन्सन रोग के विरुद्ध प्रभावी है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

A.

केवल 1

B.

केवल 1 और 2

C.

केवल 2 और 3

D.

1, 2 और 3

Correct Answer: B

Detailed Solution

1. टैक्सस वृक्ष हिमालय में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है—सही

हिमालयी टैक्सस को सामान्यतः हिमालयी यू कहा जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम Taxus wallichiana है। पुराने वर्गीकरणों में इसे Taxus baccata subsp. wallichiana भी माना गया है।

यह एक सदाबहार, शंकुधारी और धीमी वृद्धि वाला वृक्ष है। यह हिमालय के समशीतोष्ण वनों तथा उत्तर-पूर्व भारत की कुछ पर्वतीय वनस्पतियों में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है। इसकी पत्तियाँ चपटी और सुई जैसी होती हैं तथा बीज के बाहर लाल रंग का मांसल आवरण बनता है।

2. टैक्सस वृक्ष रेड डाटा बुक में सूचीबद्ध है—सही

Taxus wallichiana को भारतीय संकटग्रस्त पादपों से संबंधित रेड डाटा अभिलेखों में सम्मिलित किया गया है। इसके लिए प्रमुख खतरे हैं—

  • औषधीय उपयोग के लिए छाल और पत्तियों का अत्यधिक संग्रह;

  • धीमी प्राकृतिक वृद्धि और पुनर्जनन;

  • वनों का क्षरण और आवास का विखंडन;

  • चराई तथा मानवीय दबाव।

छाल को बड़े पैमाने पर हटाने से वृक्ष की जल और पोषक तत्त्वों के परिवहन की क्षमता नष्ट हो सकती है और वृक्ष मर सकता है। इसलिए अनियंत्रित औषधीय दोहन इसकी प्राकृतिक समष्टियों के लिए गंभीर खतरा रहा है।

3. टैक्सॉल पार्किन्सन रोग के विरुद्ध प्रभावी है—गलत

टैक्सॉल, जिसका सामान्य औषधीय नाम पैक्लिटैक्सेल है, एक कैंसर-रोधी औषध है; यह पार्किन्सन रोग की मानक औषध नहीं है।

पैक्लिटैक्सेल कोशिका के सूक्ष्मनलिकाओं से जुड़कर उन्हें स्थिर करता है। इससे कोशिका-विभाजन के दौरान गुणसूत्रों का सामान्य पृथक्करण बाधित होता है और कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि रुकती है।

इसका प्रयोग स्तन कैंसर, अंडाशय कैंसर, फेफड़ों के कुछ कैंसर और कापोसी सारकोमा सहित विभिन्न कैंसरों के उपचार में किया जाता है।

टैक्सस और टैक्सॉल से संबंधित तथ्य

  • टैक्सॉल की खोज मूलतः प्रशांत यू अर्थात Taxus brevifolia की छाल से हुई थी।

  • विभिन्न Taxus प्रजातियों, जिनमें हिमालयी यू भी शामिल है, में टैक्सेन यौगिक पाए जाते हैं।

  • प्रारंभ में छाल से टैक्सॉल निकालने के कारण बड़ी संख्या में वृक्षों को क्षति पहुँचती थी।

  • अब अर्द्ध-संश्लेषण, संवर्धित कोशिकाओं और नवीकरणीय पत्तियों जैसे स्रोतों के उपयोग से प्राकृतिक वृक्षों पर दबाव कम करने का प्रयास किया जाता है।

अतः कथन 1 और 2 सही हैं, जबकि कथन 3 गलत है।

Continue practicing free PYQs with your JAGTIV account.