Previous Year Question
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
राष्ट्रव्यापी ‘मृदा स्वास्थ्य कार्ड स्कीम’ (सॉइल हेल्थ कार्ड स्कीम) का उद्देश्य है
सिंचित कृषि योग्य क्षेत्र का विस्तार करना।
मृदा गुणवत्ता के आधार पर किसानों को दिए जाने वाले ऋण की मात्रा के आकलन में बैंकों को समर्थ बनाना।
कृषि भूमि में उर्वरकों के अति-उपयोग को रोकना।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
केवल 1 और 2
केवल 3
केवल 2 और 3
1, 2 और 3
Correct Answer: B
Detailed Solution
कथन 1 गलत है
मृदा स्वास्थ्य कार्ड स्कीम का उद्देश्य सिंचित कृषि योग्य क्षेत्र का विस्तार करना नहीं है।
सिंचाई क्षेत्र का विस्तार प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना जैसी सिंचाई-केंद्रित योजनाओं का विषय है।
मृदा स्वास्थ्य कार्ड स्कीम का संबंध खेत की मृदा के परीक्षण, पोषक तत्त्वों की स्थिति और उपयुक्त उर्वरक मात्रा की संस्तुति से है।
कथन 2 गलत है
यह योजना बैंकों द्वारा किसानों की ऋण-पात्रता अथवा ऋण की मात्रा निर्धारित करने के लिए प्रारम्भ नहीं की गई।
मृदा स्वास्थ्य कार्ड भूमि की पोषक स्थिति बताता है; यह भूमि-मूल्यांकन, ऋण-मूल्यांकन अथवा कृषि ऋण स्वीकृति का दस्तावेज नहीं है।
इसलिए मृदा की गुणवत्ता के आधार पर ऋण की मात्रा निर्धारित करने में बैंकों को समर्थ बनाना योजना का उद्देश्य नहीं है।
कथन 3 सही है
मृदा स्वास्थ्य कार्ड में खेत की पोषक स्थिति और फसल के अनुसार आवश्यक उर्वरकों की मात्रा बताई जाती है।
इससे किसान किसी उर्वरक का अनुमान के आधार पर अत्यधिक प्रयोग करने के स्थान पर मृदा-परीक्षण आधारित संतुलित मात्रा का प्रयोग कर सकता है।
उर्वरकों का संतुलित प्रयोग उत्पादन लागत, पोषक तत्त्वों की हानि, मृदा-अम्लीकरण और जल-प्रदूषण जैसी समस्याओं को कम करने में सहायता करता है।
अतः कृषि भूमि में उर्वरकों के अति-उपयोग को रोकना योजना के प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है।
मृदा स्वास्थ्य कार्ड की प्रमुख विशेषताएँ
योजना का शुभारम्भ 19 फरवरी, 2015 को राजस्थान के सूरतगढ़ में किया गया था।
मूल व्यवस्था के अंतर्गत किसानों को प्रत्येक दो वर्ष में मृदा स्वास्थ्य कार्ड प्रदान किया जाना था।
यह किसी खेत की मृदा का परीक्षण-आधारित निदान-पत्र है, सामान्य प्रमाण-पत्र नहीं।
कार्ड में निम्नलिखित 12 मापदण्डों की स्थिति दी जाती है:
प्रमुख पोषक तत्त्व: नाइट्रोजन, फॉस्फोरस और पोटैशियम।
द्वितीयक पोषक तत्त्व: सल्फर।
सूक्ष्म पोषक तत्त्व: जिंक, आयरन, कॉपर, मैंगनीज और बोरॉन।
मृदा गुण: pH, विद्युत चालकता और जैविक कार्बन।
परीक्षण के आधार पर कार्ड में फसल-विशिष्ट रासायनिक उर्वरकों, जैव-उर्वरकों, जैविक खाद और आवश्यक मृदा-सुधारकों की मात्रा सुझाई जाती है।
pH से मृदा की अम्लीय अथवा क्षारीय प्रकृति, विद्युत चालकता से लवणता और जैविक कार्बन से मृदा के जैविक पदार्थ तथा समग्र उर्वरता का संकेत मिलता है।
अतः केवल कथन 3 सही है।