JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

GEOGRAPHY · 2021

Previous Year Question

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :

  1. मोरिंगा (सहजन वृक्ष) एक फलीदार सदापर्णी वृक्ष है।

  2. इमली का पेड़ दक्षिण एशिया का स्थानिक वृक्ष है।

  3. भारत में अधिकांश इमली लघु वनोत्पाद के रूप में संगृहीत की जाती है।

  4. भारत इमली और मोरिंगा के बीज निर्यात करता है।

  5. मोरिंगा और इमली के बीजों का उपयोग जैव ईंधन के उत्पादन में किया जा सकता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?

A.

1, 2, 4 और 5

B.

3, 4 और 5

C.

1, 3 और 4

D.

1, 2, 3 और 5

Correct Answer: B

Detailed Solution

कथन 1 गलत है

  • मोरिंगा अथवा सहजन का वैज्ञानिक नाम Moringa oleifera है।

  • यह Moringaceae कुल का वृक्ष है, न कि Fabaceae अथवा Leguminosae कुल का फलीदार वृक्ष।

  • सहजन में लंबी फली जैसी संरचना दिखाई देती है, लेकिन केवल फली जैसा फल होने से कोई वृक्ष दलहनी कुल का सदस्य नहीं हो जाता।

  • जलवायु और जल-उपलब्धता के अनुसार सहजन पर्णपाती से लेकर सदापर्णी जैसी प्रकृति प्रदर्शित कर सकता है। इसलिए इसे सार्वभौमिक रूप से फलीदार सदापर्णी वृक्ष कहना गलत है।

  • कथन का निर्णायक गलत भाग इसका फलीदार अथवा leguminous होना है।

कथन 2 गलत है

  • इमली का वैज्ञानिक नाम Tamarindus indica है।

  • इसका नाम indica होने के बावजूद इसकी उत्पत्ति सामान्यतः उष्णकटिबंधीय अफ्रीका और मेडागास्कर क्षेत्र से मानी जाती है।

  • प्राचीन काल से खेती किए जाने के कारण यह भारत और दक्षिण एशिया में व्यापक रूप से प्राकृतिकीकृत हो चुकी है।

  • स्थानिक प्रजाति वह होती है, जो प्राकृतिक रूप से केवल किसी निश्चित भौगोलिक क्षेत्र में पाई जाए। इमली केवल दक्षिण एशिया तक सीमित नहीं है।

  • अतः इसे दक्षिण एशिया का स्थानिक वृक्ष कहना गलत है।

कथन 3 सही है

  • भारत में इमली का बड़ा भाग वनों, वन-सीमांत क्षेत्रों तथा गैर-बागानी वृक्षों से एकत्र किया जाता है।

  • इमली को महत्त्वपूर्ण लघु वनोत्पाद अथवा Minor Forest Produce—MFP के रूप में वर्गीकृत किया जाता है।

  • इसका संग्रह विशेष रूप से जनजातीय और वनवासी समुदायों के लिए आय एवं आजीविका का स्रोत है।

  • TRIFED की लघु वनोत्पादों के न्यूनतम समर्थन मूल्य व्यवस्था में भी इमली को शामिल किया गया है।

कथन 4 सही है

  • भारत इमली तथा उससे बने उत्पादों का अनेक देशों को निर्यात करता है।

  • प्रमुख आयातक देशों में पाकिस्तान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, जापान और जर्मनी जैसे देश शामिल रहे हैं।

  • मोरिंगा के बीज, पत्ती-पाउडर, तेल और अन्य उत्पाद भी भारत से निर्यात किए जाते हैं।

  • मोरिंगा के बीजों की माँग पौधरोपण, तेल निष्कर्षण, पोषण उत्पादों और जल-शोधन संबंधी उपयोगों के कारण होती है।

कथन 5 सही है

  • मोरिंगा के बीजों में तेल पाया जाता है। इस तेल को ट्रांसएस्टरीकरण प्रक्रिया द्वारा बायोडीजल में बदला जा सकता है।

  • इमली के बीज अथवा कर्नेल से भी तेल प्राप्त किया जा सकता है और इसका जैव ईंधन उत्पादन में संभावित उपयोग है।

  • ट्रांसएस्टरीकरण में वनस्पति तेल के ट्राइग्लिसराइड को सामान्यतः मेथेनॉल जैसे अल्कोहल से अभिक्रिया कराकर फैटी एसिड मिथाइल एस्टर बनाया जाता है, जो बायोडीजल का मुख्य घटक होता है।

  • इसलिए दोनों वृक्षों के बीज जैव ईंधन के लिए संभावित गैर-पारम्परिक तिलहन-स्रोत हैं।

अतः कथन 3, 4 और 5 सही हैं।

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