JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

GEOGRAPHY · 2011

Previous Year Question

तिब्बत में उत्पत्ति पाने वाली ब्रह्मपुत्र, इरावदी और मेकांग नदियाँ अपने ऊपरी पाटों में संकीर्ण और समांतर पर्वत श्रेणियों से होकर प्रवाहित होती हैं। इन नदियों में ब्रह्मपुत्र भारत में प्रविष्ट होने से ठीक पहले अपने प्रवाह में एक ‘यू’ मोड़ लेती है। यह ‘यू’ मोड़ क्यों बनता है?

A.

वलित हिमालय श्रेणियों के उत्थान के कारण

B.

भू-वैज्ञानिकीय तरुण हिमालय के अक्षसंघीय नमन के कारण

C.

तृतीय कल्पीय वलित पर्वत-मालाओं में भू-विवर्तनिक विक्षोभ के कारण

D.

इस संदर्भ में उपर्युक्त (a) और (b) दोनों कारण तर्कसंगत हैं

Correct Answer: B

Detailed Solution

ब्रह्मपुत्र का ‘यू’ आकार का मोड़ पूर्वी हिमालयी अक्षसंघ या पूर्वी हिमालयी सिंटैक्सिस से संबंधित है। सिंटैक्सिस वह क्षेत्र है जहाँ पर्वतीय श्रेणियाँ अथवा भूगर्भीय संरचनाएँ तीव्र रूप से मुड़ती और एक-दूसरे के निकट आती हैं।

विकल्प (b) सही है: पूर्वी छोर पर हिमालयी चाप नामचा बरवा के आसपास अचानक दक्षिण की ओर मुड़ता है। भू-वैज्ञानिक रूप से तरुण हिमालय का यही अक्षसंघीय नमन ब्रह्मपुत्र को तीव्र ‘यू’ मोड़ लेने के लिए संरचनात्मक मार्ग प्रदान करता है।

ब्रह्मपुत्र के प्रवाह का क्रम:

  • तिब्बत में यह नदी यारलुंग सांगपो या त्सांगपो के नाम से पूर्व दिशा में बहती है।

  • यह अपने ऊपरी भाग में हिमालय के लगभग समानांतर प्रवाहित होती है।

  • नामचा बरवा के पास पूर्वी हिमालयी सिंटैक्सिस में इसका मार्ग अचानक दक्षिण की ओर मुड़ जाता है।

  • यहाँ नदी अत्यंत गहरी सांगपो घाटी या गॉर्ज का निर्माण करती है।

  • यह अरुणाचल प्रदेश में प्रवेश करने पर सियांग या दिहांग कहलाती है।

  • आगे दिबांग और लोहित नदियों से मिलने के बाद असम में इसे ब्रह्मपुत्र कहा जाता है।

ब्रह्मपुत्र को एक पूर्ववर्ती नदी (Antecedent River) भी माना जाता है। इसका नदी-तंत्र हिमालय के वर्तमान उच्चावच के पूर्ण विकास से पहले अस्तित्व में था। हिमालय के उत्थान के साथ नदी ने तीव्र अधोमुखी अपरदन करते हुए अपनी घाटी को गहरा किया और प्रवाह को बनाए रखा।

अन्य विकल्प क्यों गलत हैं?

  • विकल्प (a): हिमालय का उत्थान क्षेत्रीय उच्चावच और गहरी घाटियों के निर्माण में महत्त्वपूर्ण है, लेकिन विशिष्ट ‘यू’ मोड़ की प्रत्यक्ष व्याख्या पूर्वी हिमालयी अक्षसंघीय नमन करता है।

  • विकल्प (c): तृतीय कल्पीय पर्वत-निर्माण और भू-विवर्तनिक गतिविधियाँ हिमालय के विकास से संबंधित हैं, लेकिन यह विकल्प ‘यू’ मोड़ के विशिष्ट संरचनात्मक कारण को व्यक्त नहीं करता।

  • विकल्प (d): क्योंकि प्रत्यक्ष कारण विकल्प (b) है, इसलिए (a) और (b) दोनों को समान रूप से उत्तर नहीं माना जाएगा।

संबंधित तथ्य: हिमालय के पश्चिमी छोर पर नंगा पर्वत के निकट पश्चिमी हिमालयी सिंटैक्सिस स्थित है, जहाँ सिंधु नदी तीव्र मोड़ लेकर गहरी घाटी बनाती है। नामचा बरवा पूर्वी सिंटैक्सिस और नंगा पर्वत पश्चिमी सिंटैक्सिस से संबंधित है।

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