Previous Year Question
निम्नलिखित युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?
आर्द्रभूमि | नदियों का संगम | |
1. | हरिके आर्द्रभूमि | ब्यास और सतलुज का संगम |
2. | केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान | बनास और चंबल का संगम |
3. | कोलेरू झील | मूसी और कृष्णा का संगम |
कूट :
केवल 1
2 और 3
1 और 3
ये सभी
Correct Answer: A
Detailed Solution
केवल हरिके आर्द्रभूमि–ब्यास और सतलुज का संगम सही सुमेलित है।
1. हरिके आर्द्रभूमि–ब्यास और सतलुज: सही
हरिके आर्द्रभूमि पंजाब में ब्यास और सतलुज नदियों के संगम पर स्थित है।
इसे हरिके झील अथवा हरिके पत्तन भी कहा जाता है।
वर्ष 1952-53 में सतलुज पर हरिके बैराज के निर्माण के बाद इस उथले जलाशय और आर्द्रभूमि का विकास हुआ।
यह पंजाब के तरनतारन और फिरोजपुर क्षेत्रों में फैली हुई है।
हरिके से राजस्थान नहर अर्थात इंदिरा गांधी नहर तथा फिरोजपुर फीडर जैसी नहर प्रणालियों को जल मिलता है।
यह उत्तर भारत की महत्त्वपूर्ण मानव-निर्मित आर्द्रभूमियों में शामिल है।
इसे वर्ष 1990 में रामसर स्थल घोषित किया गया।
यह प्रवासी जलपक्षियों, मछलियों, कछुओं और अन्य जलीय जीवों का महत्त्वपूर्ण आवास है।
जलकुंभी का प्रसार, कृषि अपवाह, गाद और प्रदूषण इसके प्रमुख पर्यावरणीय खतरे हैं।
2. केवलादेव घना–बनास और चंबल: गलत
केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान राजस्थान के भरतपुर जिले में स्थित है, मध्य प्रदेश में नहीं।
इसे पहले भरतपुर पक्षी अभयारण्य कहा जाता था।
यह बनास और चंबल नदियों के संगम पर स्थित नहीं है।
इसका जल-तंत्र गंभीर और बाणगंगा नदियों के बाढ़ क्षेत्र तथा अजान बाँध से संबंधित है।
यह पूर्णतः प्राकृतिक झील नहीं, बल्कि ऐतिहासिक रूप से विकसित और नियंत्रित उथली मानव-प्रबंधित आर्द्रभूमि है।
पहले इस क्षेत्र का उपयोग भरतपुर के शासकों द्वारा जलपक्षी शिकार क्षेत्र के रूप में किया जाता था।
इसे वर्ष 1981 में रामसर स्थल और वर्ष 1985 में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया।
यह साइबेरियन क्रेन के ऐतिहासिक शीतकालीन आवास के रूप में प्रसिद्ध रहा है।
बनास–चंबल का वास्तविक संबंध
बनास नदी राजस्थान में अरावली की खमनोर पहाड़ियों से निकलती है।
यह राजस्थान के भीतर बहते हुए चंबल नदी में मिलती है।
यह संगम केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान में नहीं है।
अतः युग्म 2 गलत है।
3. कोलेरू झील–मूसी और कृष्णा: गलत
कोलेरू झील आंध्र प्रदेश में कृष्णा और गोदावरी नदी डेल्टाओं के बीच स्थित है।
यह मूसी और कृष्णा नदियों के संगम पर स्थित नहीं है।
कोलेरू एक प्राकृतिक उथली मीठे पानी की झील है।
इसे मुख्य रूप से बुडामेरु और तम्मिलेरु नदियों तथा छोटी जलधाराओं से जल मिलता है।
झील का अतिरिक्त जल उप्पुटेरु के माध्यम से बंगाल की खाड़ी की ओर निकलता है।
यह कृष्णा और गोदावरी डेल्टाओं के बीच प्राकृतिक बाढ़-संतुलक के रूप में कार्य करती है।
इसे वर्ष 2002 में रामसर स्थल घोषित किया गया।
यह प्रवासी पक्षियों, विशेषकर पेलिकन और अन्य जलपक्षियों के लिए महत्त्वपूर्ण है।
मत्स्य तालाबों एवं जलीय कृषि के अतिक्रमण, प्रदूषण और जल-प्रवाह में परिवर्तन से इसकी पारिस्थितिकी प्रभावित हुई है।
मूसी नदी का वास्तविक संबंध
मूसी नदी तेलंगाना में अनंतगिरि पहाड़ियों से निकलती है।
यह हैदराबाद से होकर बहती है।
आगे तेलंगाना में मूसी, कृष्णा नदी से मिलती है।
इस संगम का कोलेरू झील से कोई संबंध नहीं है।
अतः युग्म 3 गलत है।