JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

GEOGRAPHY · 2014

Previous Year Question

निम्नलिखित नदियों पर विचार कीजिए :

  1. बराक

  2. लोहित

  3. सुबनसिरी

उपर्युक्त में से कौन-सी अरुणाचल प्रदेश से होकर बहती है/बहती हैं?

A.

केवल 1

B.

2 और 3

C.

1 और 3

D.

ये सभी

Correct Answer: B

Detailed Solution

लोहित और सुबनसिरी नदियाँ अरुणाचल प्रदेश से होकर बहती हैं। बराक नदी मणिपुर और असम के बराक घाटी क्षेत्र से बहती है; यह अरुणाचल प्रदेश से नहीं गुजरती।

1. बराक नदी: अरुणाचल प्रदेश से नहीं बहती

  • बराक नदी का उद्गम मणिपुर की पहाड़ियों में होता है।

  • इसका स्रोत मणिपुर के सेनापति जिले के लियाई खुल्लेन क्षेत्र के निकट माना जाता है।

  • यह मणिपुर से बहते हुए दक्षिणी असम के बराक घाटी क्षेत्र में प्रवेश करती है।

  • असम की बराक घाटी में कछार, हैलाकांडी और करीमगंज जिले शामिल हैं।

  • सिलचर नगर बराक नदी के तट पर स्थित है।

  • भारत-बांग्लादेश सीमा के निकट बराक नदी दो प्रमुख धाराओं—सुरमा और कुशियारा—में विभाजित हो जाती है।

  • सुरमा और कुशियारा आगे बांग्लादेश में मेघना नदी-तंत्र का निर्माण करती हैं।

  • इस प्रकार बराक गंगा-ब्रह्मपुत्र-मेघना नदी व्यवस्था का भाग है, लेकिन यह अरुणाचल प्रदेश से नहीं बहती।

अतः कथन 1 गलत है।

2. लोहित नदी: अरुणाचल प्रदेश से बहती है

  • लोहित नदी का उद्गम पूर्वी तिब्बत के पर्वतीय क्षेत्र में होता है।

  • यह भारत में अरुणाचल प्रदेश के किबिथू क्षेत्र के निकट प्रवेश करती है।

  • इसके बाद यह अंजॉ और लोहित क्षेत्रों से होकर मिश्मी पहाड़ियों के बीच बहती है।

  • पर्वतीय भाग में इसकी ढाल तीव्र, प्रवाह तेज और अवसाद-भार अधिक होता है।

  • प्रसिद्ध परशुराम कुंड लोहित नदी पर स्थित है।

  • मैदानी भाग में प्रवेश करने के बाद यह दिबांग और सियांग नदी-तंत्र के साथ मिलती है।

  • इन नदियों के संगम के बाद मुख्य जलधारा असम में ब्रह्मपुत्र कहलाती है।

  • ‘लोहित’ का अर्थ लालिमा से संबंधित है; नदी के जल में आने वाले लाल-भूरे अवसाद से भी इसका नाम जोड़ा जाता है।

अतः कथन 2 सही है।

3. सुबनसिरी नदी: अरुणाचल प्रदेश से बहती है

  • सुबनसिरी का उद्गम तिब्बत के हिमालयी क्षेत्र में होता है।

  • यह अरुणाचल प्रदेश में प्रवेश करके ऊपरी सुबनसिरी और निचली सुबनसिरी क्षेत्रों से होकर बहती है।

  • इसके बाद यह असम के मैदान में प्रवेश करती है और ब्रह्मपुत्र में मिलती है।

  • सुबनसिरी ब्रह्मपुत्र की सबसे महत्त्वपूर्ण उत्तर-तटीय सहायक नदियों में शामिल है।

  • इसका जलग्रहण क्षेत्र ऊँचे हिमालय, गहरी पर्वतीय घाटियों और असम के जलोढ़ मैदानों तक फैला है।

  • यह बहुत अधिक जल और हिमालयी अवसाद लेकर आती है।

  • निचली सुबनसिरी जलविद्युत परियोजना अरुणाचल प्रदेश-असम सीमा के निकट गेरुकामुख क्षेत्र में स्थित है।

  • नदी के ऊपरी भाग में तीव्र ढाल जलविद्युत उत्पादन के लिए अनुकूल है, जबकि निचले भाग में बाढ़ और तट-कटाव की समस्या देखी जाती है।

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