JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

GEOGRAPHY · 2015

Previous Year Question

निम्नलिखित नदियों पर विचार कीजिए :

  1. वंशधारा

  2. इंद्रावती

  3. प्राणहिता

  4. पेन्नार

उपर्युक्त में से कौन-सी गोदावरी की सहायक नदियाँ हैं?

A.

1, 2 और 3

B.

2, 3 और 4

C.

1, 2 और 4

D.

2 और 3

Correct Answer: D

Detailed Solution

इंद्रावती और प्राणहिता गोदावरी की सहायक नदियाँ हैं। वंशधारा और पेन्नार स्वतंत्र पूर्ववाहिनी नदियाँ हैं, जो सीधे बंगाल की खाड़ी में गिरती हैं।

गोदावरी नदी-तंत्र

  • गोदावरी का उद्गम महाराष्ट्र के नासिक जिले में त्र्यंबकेश्वर के निकट ब्रह्मगिरि पहाड़ियों से होता है।

  • लगभग 1,465 किलोमीटर लंबी गोदावरी प्रायद्वीपीय भारत की सबसे लंबी नदी है।

  • विशाल नदी-बेसिन के कारण इसे दक्षिण गंगा कहा जाता है।

  • यह महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से होकर बहती है तथा इसका बेसिन मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और कर्नाटक के भागों तक फैला है।

  • यह आंध्र प्रदेश में विस्तृत डेल्टा बनाकर बंगाल की खाड़ी में गिरती है।

  • इसकी प्रमुख सहायक नदियों में पूर्णा, मंजीरा, पेनगंगा, वर्धा, वैनगंगा, प्राणहिता, इंद्रावती और सबरी शामिल हैं।

1. वंशधारा: गोदावरी की सहायक नहीं

  • वंशधारा का उद्गम ओडिशा के कालाहांडी क्षेत्र में पूर्वी घाट की पहाड़ियों से होता है।

  • यह ओडिशा और आंध्र प्रदेश से होकर दक्षिण-पूर्व दिशा में बहती है।

  • आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में प्रवेश करने के बाद यह कलिंगपट्टनम के निकट बंगाल की खाड़ी में गिरती है।

  • यह किसी बड़ी नदी की सहायक नदी नहीं, बल्कि एक स्वतंत्र पूर्ववाहिनी नदी है।

  • महेंद्रतनया इसकी महत्त्वपूर्ण सहायक नदी है।

  • वंशधारा बेसिन सिंचाई और धान की कृषि के लिए महत्त्वपूर्ण है।

अतः वंशधारा गोदावरी की सहायक नदी नहीं है।

2. इंद्रावती: गोदावरी की सहायक

  • इंद्रावती नदी का उद्गम ओडिशा के कालाहांडी क्षेत्र में पूर्वी घाट से होता है।

  • यह पश्चिम दिशा में बहते हुए छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में प्रवेश करती है।

  • बस्तर में इंद्रावती नदी पर प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात स्थित है।

  • चित्रकोट जलप्रपात को उसकी चौड़ी घोड़े की नाल जैसी आकृति के कारण कभी-कभी ‘भारत का नियाग्रा’ कहा जाता है।

  • इंद्रावती आगे छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र के सीमावर्ती क्षेत्र से होकर बहती हुई गोदावरी में मिलती है।

  • यह गोदावरी की प्रमुख बाएँ तट की सहायक नदियों में शामिल है।

  • इंद्रावती नदी-तंत्र बस्तर की कृषि, वन पारिस्थितिकी और आदिवासी आजीविका के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण है।

  • इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व भी इसी नदी क्षेत्र से संबंधित हैं।

अतः इंद्रावती गोदावरी की सहायक नदी है।

3. प्राणहिता: गोदावरी की सहायक

  • प्राणहिता नदी का निर्माण वर्धा और वैनगंगा नदियों के संगम से होता है।

  • पेनगंगा नदी भी वर्धा नदी-तंत्र के माध्यम से प्राणहिता में अपना जल पहुँचाती है।

  • प्राणहिता महाराष्ट्र और तेलंगाना के बीच लंबी सीमा बनाती है।

  • यह तेलंगाना के कालेश्वरम के निकट गोदावरी नदी में मिलती है।

  • जलग्रहण क्षेत्र और जल-प्रवाह की दृष्टि से प्राणहिता गोदावरी की सबसे महत्त्वपूर्ण सहायक नदियों में शामिल है।

  • इसका विशाल जलग्रहण क्षेत्र महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना के भागों तक फैला है।

  • प्राणहिता के माध्यम से वर्धा-वैनगंगा तंत्र का जल गोदावरी में पहुँचता है।

अतः प्राणहिता गोदावरी की सहायक नदी है।

4. पेन्नार: गोदावरी की सहायक नहीं

  • पेन्नार को पेन्ना अथवा उत्तर पिनाकिनी भी कहा जाता है।

  • इसका उद्गम कर्नाटक की नंदी पहाड़ियों के निकट होता है।

  • यह कर्नाटक और आंध्र प्रदेश से होकर पूर्व दिशा में बहती है।

  • इसकी प्रमुख सहायक नदियों में जयमंगली, चित्रावती, पापाग्नी, कुंडेरू और चेय्येरू शामिल हैं।

  • यह आंध्र प्रदेश में नेल्लोर के निकट बंगाल की खाड़ी में गिरती है।

  • इसका स्वतंत्र नदी-बेसिन कृष्णा बेसिन के दक्षिण और कावेरी बेसिन के उत्तर में स्थित है।

  • गंडिकोटा घाटी का निर्माण भी पेन्नार नदी ने किया है।

अतः पेन्नार गोदावरी की सहायक नदी नहीं है।

Continue practicing free PYQs with your JAGTIV account.