JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

GEOGRAPHY · 2016

Previous Year Question

निम्नलिखित में से कौन-सी ब्रह्मपुत्र की सहायक नदी/नदियाँ है/हैं?

  1. दिबांग

  2. कामेंग

  3. लोहित

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

A.

केवल 1

B.

2 और 3

C.

1 और 3

D.

1, 2 और 3

Correct Answer: D

Detailed Solution

दिबांग, कामेंग और लोहित—तीनों ब्रह्मपुत्र नदी-तंत्र की सहायक नदियाँ हैं। दिबांग और लोहित ऊपरी ब्रह्मपुत्र के निर्माण में योगदान करती हैं, जबकि कामेंग असम में ब्रह्मपुत्र से मिलती है।

ब्रह्मपुत्र का नाम और प्रवाह

  • ब्रह्मपुत्र का उद्गम तिब्बत में कैलाश-मानसरोवर क्षेत्र के निकट स्थित हिमनदों से होता है।

  • तिब्बत में इसे यारलुंग सांगपो अथवा त्सांगपो कहा जाता है।

  • यह तिब्बती पठार पर हिमालय के समानांतर पूर्व दिशा में बहती है।

  • नामचा बरवा के निकट यह एक गहरा महाखड्ड बनाकर दक्षिण की ओर मुड़ती है।

  • अरुणाचल प्रदेश में प्रवेश करने पर इसे सियांग अथवा दिहांग कहा जाता है।

  • दिबांग और लोहित नदियों से मिलने के बाद असम के मैदान में इसे ब्रह्मपुत्र कहा जाता है।

  • बांग्लादेश में यह जमुना कहलाती है और आगे पद्मा तथा मेघना नदी-तंत्र से मिलती है।

1. दिबांग नदी

  • दिबांग नदी का उद्गम अरुणाचल प्रदेश के ऊँचे हिमालयी क्षेत्र में तिब्बत सीमा के निकट होता है।

  • यह ऊपरी और निचली दिबांग घाटी जिलों से होकर दक्षिण दिशा में बहती है।

  • पर्वतीय भाग में नदी तीव्र ढाल, गहरी घाटियों और तेज प्रवाह से युक्त है।

  • मैदान में प्रवेश करने पर यह कई धाराओं में विभाजित होकर विस्तृत नदी-पट्टी बनाती है।

  • दिबांग आगे सियांग और लोहित के साथ मिलकर ब्रह्मपुत्र के मुख्य प्रवाह के निर्माण में योगदान करती है।

  • दिबांग घाटी मिश्मी जनजातीय क्षेत्रों और समृद्ध पूर्वी हिमालयी जैवविविधता के लिए जानी जाती है।

  • इसलिए दिबांग ब्रह्मपुत्र की सहायक नदी है।

2. कामेंग नदी

  • कामेंग नदी का उद्गम अरुणाचल प्रदेश के तवांग क्षेत्र में गोरीचेन पर्वत समूह के निकट हिमालयी क्षेत्र से होता है।

  • यह पश्चिम कामेंग और पूर्वी कामेंग क्षेत्रों से होकर बहती है।

  • अरुणाचल प्रदेश में इसे कामेंग कहा जाता है।

  • असम के मैदान में प्रवेश करने के बाद इसे जिया भराली कहा जाता है।

  • यह तेजपुर के निकट ब्रह्मपुत्र में मिलती है।

  • कामेंग ब्रह्मपुत्र की प्रमुख उत्तर-तटीय सहायक नदियों में शामिल है।

  • इसका जलग्रहण क्षेत्र ऊँचे हिमालय, वनाच्छादित पहाड़ियों और असम के जलोढ़ मैदानों तक फैला है।

  • इसलिए कामेंग भी ब्रह्मपुत्र की सहायक नदी है।

3. लोहित नदी

  • लोहित नदी का उद्गम पूर्वी तिब्बत के पर्वतीय क्षेत्र में होता है।

  • यह अरुणाचल प्रदेश में किबिथू के निकट प्रवेश करती है।

  • इसके बाद यह मिश्मी पहाड़ियों से होकर तीव्र गति से पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम दिशा में बहती है।

  • लोहित घाटी में नदी गहरी घाटियों, तीव्र प्रवाह और भारी अवसाद-भार के लिए जानी जाती है।

  • प्रसिद्ध परशुराम कुंड लोहित नदी पर स्थित है।

  • सादिया क्षेत्र के निकट लोहित, दिबांग और सियांग नदी-तंत्र से मिलती है।

  • इस संगम के बाद मुख्य नदी असम में ब्रह्मपुत्र कहलाती है।

  • इसलिए लोहित ब्रह्मपुत्र की प्रमुख सहायक नदी है।

प्रवाह संबंध

यारलुंग सांगपो → सियांग/दिहांग
सियांग + दिबांग + लोहित → ब्रह्मपुत्र
कामेंग/जिया भराली → असम में ब्रह्मपुत्र

ब्रह्मपुत्र की अन्य प्रमुख सहायक नदियाँ

उत्तर से आने वाली नदियाँ

  • सुबनसिरी

  • कामेंग अथवा जिया भराली

  • मानस

  • संकोश

दक्षिण से आने वाली नदियाँ

  • बूढ़ी दिहिंग

  • दिसांग

  • दिखौ

  • धनसिरी

  • कोपिली

उत्तर की सहायक नदियाँ सामान्यतः हिमालय से अधिक जल और मोटा अवसाद लाती हैं। दक्षिण की सहायक नदियाँ नागा, मेघालय और कार्बी पहाड़ी क्षेत्रों से निकलती हैं।

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