JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

GEOGRAPHY · 2016

Previous Year Question

‘राष्ट्रीय गंगा नदी बेसिन प्राधिकरण (NGRBA)’ की निम्नलिखित में से कौन-सी प्रमुख विशेषताएँ हैं?

A.

1 और 2

B.

2 और 3

C.

1 और 3

D.

1, 2 और 3

Correct Answer: A

Detailed Solution

कथन 1 और 2 सही हैं, जबकि कथन 3 गलत है। NGRBA की अध्यक्षता किसी मुख्यमंत्री द्वारा चक्रानुक्रम से नहीं, बल्कि भारत के प्रधानमंत्री द्वारा की जाती थी।

NGRBA की स्थापना

  • केंद्र सरकार ने 20 फरवरी 2009 की अधिसूचना द्वारा राष्ट्रीय गंगा नदी बेसिन प्राधिकरण की स्थापना की।

  • इसका गठन पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के अंतर्गत किया गया था।

  • इसे गंगा नदी के लिए एक सशक्त योजना, वित्तपोषण, निगरानी और समन्वय प्राधिकरण बनाया गया।

  • इसका उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकारों के गंगा प्रदूषण-नियंत्रण तथा संरक्षण प्रयासों को एकीकृत करना था।

  • गंगा को वर्ष 2008 में भारत की राष्ट्रीय नदी घोषित किया गया था।

कथन 1: सही

नदी बेसिन को योजना और प्रबंधन की इकाई माना गया था।

  • NGRBA से पहले गंगा संरक्षण के प्रयास प्रायः अलग-अलग नगरों और प्रदूषण-स्रोतों पर केंद्रित थे।

  • NGRBA ने पूरी गंगा नदी और उसके जलग्रहण क्षेत्र को एक समग्र भौगोलिक एवं पारिस्थितिक इकाई के रूप में स्वीकार किया।

  • नदी बेसिन दृष्टिकोण में मुख्य नदी के साथ उसकी सहायक नदियाँ, भूजल, बाढ़ क्षेत्र, आर्द्रभूमियाँ और मानव गतिविधियाँ शामिल होती हैं।

  • इसका उद्देश्य केवल प्रदूषित जल के उपचार तक सीमित न रहकर पूरे नदी-तंत्र का समन्वित प्रबंधन करना था।

कथन 2: सही

NGRBA राष्ट्रीय स्तर पर नदी संरक्षण प्रयासों की अगुवाई करता था।

इसके प्रमुख कार्यों में शामिल थे:

  • गंगा बेसिन प्रबंधन योजना तैयार करना।

  • प्रदूषण की रोकथाम, नियंत्रण और उपशमन के कार्यक्रमों का समन्वय।

  • सीवेज उपचार अवसंरचना के लिए योजना और वित्त उपलब्ध कराना।

  • नदी में न्यूनतम पर्यावरणीय प्रवाह बनाए रखने के उपाय करना।

  • औद्योगिक और नगरीय प्रदूषण की निगरानी करना।

  • बाढ़ के मैदानों, जलीय जीवों और नदी पारिस्थितिकी का संरक्षण।

  • जल संरक्षण, पुनर्चक्रण, पुनः उपयोग और वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देना।

  • केंद्र, राज्यों, स्थानीय निकायों और अन्य संस्थाओं के बीच समन्वय स्थापित करना।

कार्यान्वयन मुख्यतः राज्य सरकारों और शहरी स्थानीय निकायों द्वारा किया जाना था।

कथन 3: गलत

NGRBA का अध्यक्ष चक्रानुक्रम से किसी राज्य का मुख्यमंत्री नहीं बनता था।

  • NGRBA की अध्यक्षता भारत के प्रधानमंत्री करते थे।

  • गंगा के मुख्य प्रवाह वाले राज्यों—उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल—के मुख्यमंत्री इसके सदस्य थे।

  • संबंधित केंद्रीय मंत्रालयों के मंत्री भी इसके सदस्य होते थे।

  • प्राधिकरण प्रमुख सहायक नदियों वाले अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों और विशेषज्ञों को सहयोजित कर सकता था।

  • मुख्यमंत्री सदस्य थे, लेकिन अध्यक्ष नहीं।

NMCG से संबंध

  • राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (NMCG) को 2011 में NGRBA की कार्यान्वयन शाखा के रूप में स्थापित किया गया।

  • NMCG कार्यक्रमों और परियोजनाओं के क्रियान्वयन तथा राज्यों के साथ समन्वय के लिए उत्तरदायी था।

वर्तमान संस्थागत स्थिति

  • यह प्रश्न वर्ष 2016 की तत्कालीन NGRBA व्यवस्था पर आधारित है।

  • वर्ष 2016 में NGRBA के स्थान पर राष्ट्रीय गंगा परिषद स्थापित की गई।

  • इसका पूरा नाम राष्ट्रीय गंगा नदी पुनरुद्धार, संरक्षण और प्रबंधन परिषद है।

  • राष्ट्रीय गंगा परिषद की अध्यक्षता भी प्रधानमंत्री करते हैं।

  • NMCG को पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम के अंतर्गत अधिक प्रशासनिक, वित्तीय और नियामक शक्तियाँ प्रदान की गईं।

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