Previous Year Question
निम्नलिखित में से कौन-सी एक कृत्रिम झील है?
कोडाइकनाल (तमिलनाडु)
कोलेरू (आंध्र प्रदेश)
नैनीताल (उत्तराखंड)
रेणुका (हिमाचल प्रदेश)
Correct Answer: A
Detailed Solution
कोडाइकनाल झील मानव द्वारा निर्मित कृत्रिम झील है। शेष तीन—कोलेरू, नैनीताल और रेणुका—प्राकृतिक झीलें हैं।
कोडाइकनाल झील: कृत्रिम
कोडाइकनाल झील तमिलनाडु के डिंडीगुल जिले में कोडाइकनाल नगर के मध्य स्थित है।
यह लगभग तारे के आकार वाली मानव-निर्मित झील है।
इसका निर्माण वर्ष 1863 में मदुरै के तत्कालीन कलेक्टर सर वेरे हेनरी लेविंगे की देखरेख में कराया गया।
प्राकृतिक घाटी में बहने वाली छोटी जलधाराओं को रोककर इस झील का निर्माण किया गया।
झील की औसत गहराई लगभग 3 मीटर बताई जाती है।
झील कोडाइकनाल की पर्यटन गतिविधियों, नौकायन और स्थानीय पारिस्थितिकी का प्रमुख केंद्र है।
इसके जलग्रहण क्षेत्र में शोला वन और पर्वतीय घासभूमियाँ पाई जाती हैं।
कोडाइकनाल झील से अतिरिक्त जल निकलकर नीचे की ओर सिल्वर कैस्केड जलप्रपात बनाता है।
कोलेरू झील: प्राकृतिक
कोलेरू आंध्र प्रदेश में कृष्णा और गोदावरी नदियों के डेल्टाओं के बीच स्थित प्राकृतिक मीठे पानी की झील है।
यह मुख्यतः बुडामेरु, तम्मिलेरु तथा आसपास की छोटी जलधाराओं से जल प्राप्त करती है।
इसका अतिरिक्त जल उप्पुटेरु के माध्यम से बंगाल की खाड़ी की ओर निकलता है।
यह कृष्णा और गोदावरी डेल्टा क्षेत्रों के बीच प्राकृतिक बाढ़-संतुलक की भूमिका निभाती है।
इसे वर्ष 2002 में रामसर स्थल घोषित किया गया।
यह प्रवासी पक्षियों, मत्स्य संसाधनों और जलीय जैवविविधता के लिए महत्त्वपूर्ण है।
नैनीताल झील: प्राकृतिक
नैनी झील उत्तराखंड के कुमाऊँ हिमालय में नैनीताल नगर में स्थित प्राकृतिक मीठे पानी की झील है।
यह पर्वतीय ढालों से घिरी हुई अर्धचंद्राकार झील है।
इसकी उत्पत्ति को सामान्यतः विवर्तनिक गतिविधियों और भूस्खलन से बने अवसाद से संबंधित माना जाता है।
इसके उत्तरी और दक्षिणी भागों को परंपरागत रूप से क्रमशः मल्लीताल और तल्लीताल कहा जाता है।
झील को आसपास के झरनों, वर्षा तथा पहाड़ी अपवाह से जल प्राप्त होता है।
यह नैनीताल नगर के पर्यटन और स्थानीय जल-व्यवस्था का केंद्रीय भाग है।
रेणुका झील: प्राकृतिक
रेणुका झील हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में स्थित प्राकृतिक मीठे पानी की झील है।
इसे हिमाचल प्रदेश की सबसे बड़ी प्राकृतिक झील माना जाता है।
झील वनाच्छादित पहाड़ियों से घिरी हुई है और इसका आकार परंपरागत रूप से लेटी हुई महिला की आकृति से जोड़ा जाता है।
यह धार्मिक रूप से माता रेणुका और भगवान परशुराम की परंपरा से संबंधित है।
इसे वर्ष 2005 में रामसर स्थल घोषित किया गया।
झील और उसके आसपास का क्षेत्र आर्द्रभूमि जैवविविधता, मछलियों, कछुओं और पक्षियों के लिए महत्त्वपूर्ण है।
तुलनात्मक सारणी
झील | राज्य | उत्पत्ति |
कोडाइकनाल | तमिलनाडु | कृत्रिम; 1863 में निर्मित |
कोलेरू | आंध्र प्रदेश | प्राकृतिक मीठे पानी की झील |
नैनीताल | उत्तराखंड | प्राकृतिक पर्वतीय झील |
रेणुका | हिमाचल प्रदेश | प्राकृतिक मीठे पानी की झील |