Previous Year Question
अलियार, इसापुर और कंग्साबती नामक स्थानों में क्या समानता है?
हाल ही में खोजे गए यूरेनियम निक्षेप
उष्णकटिबंधीय वर्षावन
भूमिगत गुफा तंत्र
जल भंडार
Correct Answer: D
Detailed Solution
अलियार, इसापुर और कंग्साबती तीनों बाँधों द्वारा निर्मित जलाशय हैं। ये अलग-अलग राज्यों और नदी-तंत्रों में स्थित हैं, लेकिन इनका सामान्य उद्देश्य जल का संग्रह, सिंचाई तथा क्षेत्रीय जल-प्रबंधन है।
1. अलियार जलाशय
अलियार जलाशय तमिलनाडु के कोयंबटूर जिले में पोल्लाची के निकट स्थित है।
इसका निर्माण अलियार नदी पर अलियार बाँध द्वारा किया गया है।
अलियार नदी कावेरी नदी-तंत्र से संबंधित है और आगे चलकर अमरावती नदी-तंत्र में योगदान करती है।
यह जलाशय पश्चिमी घाट की अनामलाई पहाड़ियों की तलहटी में स्थित है।
अलियार बाँध का निर्माण मुख्यतः 1959 से 1969 के बीच किया गया।
यह परम्बिकुलम-अलियार परियोजना का एक महत्त्वपूर्ण भाग है।
इस अंतर-बेसिन परियोजना के माध्यम से पश्चिम की ओर बहने वाली कुछ नदियों के जल को पूर्व की ओर स्थित वर्षा-छाया क्षेत्रों में पहुँचाया जाता है।
जलाशय का उपयोग सिंचाई, जलापूर्ति और मत्स्य पालन के लिए होता है।
2. इसापुर जलाशय
इसापुर जलाशय महाराष्ट्र में पेनगंगा नदी पर स्थित है।
इसका निर्माण इसापुर बाँध द्वारा किया गया, जो एक प्रमुख मिट्टी का बाँध है।
यह परियोजना ऊपरी पेनगंगा परियोजना से संबंधित है।
पेनगंगा, वर्धा नदी की प्रमुख सहायक नदी है।
वर्धा और वैनगंगा के मिलने से प्राणहिता बनती है, जो आगे गोदावरी नदी में मिलती है।
इस प्रकार इसापुर जलाशय गोदावरी नदी-तंत्र का भाग है।
इसका उपयोग मुख्यतः महाराष्ट्र के मराठवाड़ा और विदर्भ से जुड़े क्षेत्रों में सिंचाई एवं जलापूर्ति के लिए किया जाता है।
वर्षा की अनिश्चितता वाले क्षेत्र में यह जलाशय खरीफ और रबी कृषि के लिए महत्त्वपूर्ण है।
3. कंग्साबती जलाशय
कंग्साबती जलाशय पश्चिम बंगाल के बाँकुड़ा जिले में मुकुटमणिपुर के निकट स्थित है।
इसे मुकुटमणिपुर जलाशय भी कहा जाता है।
इसका निर्माण कंग्साबती और कुमारी नदियों के जल को रोककर किया गया है।
कंग्साबती नदी का उद्गम छोटानागपुर पठार से संबंधित पश्चिम बंगाल के पुरुलिया क्षेत्र में होता है।
यह सामान्यतः दक्षिण-पूर्व दिशा में बहती है और आगे चलकर हल्दी नदी-तंत्र से जुड़ती है।
कंग्साबती परियोजना का प्रमुख उद्देश्य बाँकुड़ा, पुरुलिया, पश्चिम मेदिनीपुर और आसपास के क्षेत्रों में सिंचाई उपलब्ध कराना है।
जलाशय बाढ़ नियंत्रण, मत्स्य पालन, जलापूर्ति और पर्यटन की दृष्टि से भी महत्त्वपूर्ण है।
तुलनात्मक सारणी
जलाशय | राज्य | नदी/नदी-तंत्र | प्रमुख उपयोग |
अलियार | तमिलनाडु | अलियार; परम्बिकुलम-अलियार परियोजना | सिंचाई एवं जलापूर्ति |
इसापुर | महाराष्ट्र | पेनगंगा–वर्धा–गोदावरी | सिंचाई एवं जलापूर्ति |
कंग्साबती | पश्चिम बंगाल | कंग्साबती और कुमारी | सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण |