Previous Year Question
निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए :
हिमनद | नदी | |
1. | बंदरपूँछ | यमुना |
2. | बारा शिगरी | चेनाब |
3. | मिलम | मंदाकिनी |
4. | सियाचिन | नुब्रा |
5. | जेमू | मानस |
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-से सही सुमेलित हैं?
1, 2 और 4
1, 3 और 4
2 और 5
3 और 5
Correct Answer: A
Detailed Solution
बंदरपूँछ–यमुना, बारा शिगरी–चेनाब और सियाचिन–नुब्रा युग्म सही हैं। मिलम–मंदाकिनी और जेमू–मानस गलत हैं।
1. बंदरपूँछ–यमुना: सही
बंदरपूँछ पर्वत समूह उत्तराखंड के गढ़वाल हिमालय में स्थित है।
यमुना नदी का उद्गम यमुनोत्री हिमनद से होता है, जो बंदरपूँछ पर्वत समूह की दक्षिण-पश्चिमी ढाल पर स्थित है।
इसलिए प्रश्न में बंदरपूँछ को यमुना से सही सुमेलित किया गया है।
यमुना गंगा की सबसे लंबी सहायक नदी है।
यह उत्तराखंड से निकलकर हिमाचल प्रदेश की सीमा, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश से होकर बहती है।
इसकी प्रमुख सहायक नदियों में टोंस, चंबल, सिंध, बेतवा और केन शामिल हैं।
यमुना प्रयागराज में गंगा से मिलती है।
टोंस ऊपरी यमुना तंत्र की सबसे बड़ी सहायक नदी है और इसका जलग्रहण क्षेत्र भी बंदरपूँछ पर्वतीय क्षेत्र से संबंधित है।
2. बारा शिगरी–चेनाब: सही
बारा शिगरी हिमनद हिमाचल प्रदेश के लाहौल क्षेत्र में चंद्रा घाटी में स्थित है।
इसके पिघले जल से चंद्रा नदी को जल मिलता है।
चंद्रा नदी तांडी के निकट भागा नदी से मिलकर चंद्रभागा अथवा चेनाब का निर्माण करती है।
इसलिए बारा शिगरी का जल प्रत्यक्ष रूप से चंद्रा में और अंततः चेनाब में पहुँचता है।
यह हिमाचल प्रदेश के बड़े घाटी हिमनदों में शामिल है।
‘शिगरी’ शब्द का अर्थ हिमनद से संबंधित माना जाता है, जबकि ‘बारा’ इसके बड़े आकार को दर्शाता है।
चेनाब सिंधु नदी-तंत्र की प्रमुख पश्चिमी नदी है।
3. मिलम–मंदाकिनी: गलत
मिलम हिमनद उत्तराखंड के कुमाऊँ हिमालय में पिथौरागढ़ जिले की जोहार घाटी में स्थित है।
मिलम हिमनद से गोरी गंगा नदी निकलती है, मंदाकिनी नहीं।
गोरी गंगा आगे जौलजीबी के निकट काली अथवा शारदा नदी में मिलती है।
मंदाकिनी नदी का उद्गम केदारनाथ के निकट स्थित चोराबाड़ी हिमनद से होता है।
मंदाकिनी रुद्रप्रयाग में अलकनंदा नदी से मिलती है।
इसलिए मिलम–मंदाकिनी युग्म गलत है।
4. सियाचिन–नुब्रा: सही
सियाचिन हिमनद लद्दाख में पूर्वी काराकोरम पर्वत श्रेणी में स्थित है।
इसके पिघले जल से नुब्रा नदी निकलती है।
नुब्रा नदी आगे श्योक नदी में मिलती है।
श्योक अंततः सिंधु नदी की सहायक नदी है।
अतः इसका प्रवाह-क्रम है:
सियाचिन हिमनद → नुब्रा → श्योक → सिंधु
सियाचिन लगभग 76 किलोमीटर लंबा है और ध्रुवीय क्षेत्रों से बाहर विश्व के सबसे लंबे हिमनदों में शामिल है।
काराकोरम क्षेत्र की ऊँची पर्वत श्रेणियाँ एवं अत्यधिक ठंडी जलवायु इस विशाल हिमनद के अस्तित्व का आधार हैं।
5. जेमू–मानस: गलत
जेमू हिमनद सिक्किम में कंचनजंघा पर्वत समूह के पूर्वी भाग में स्थित है।
इसका पिघला जल जेमू चू के माध्यम से तीस्ता नदी-तंत्र में पहुँचता है।
इसलिए जेमू हिमनद को मानस नदी से जोड़ना गलत है।
तीस्ता सिक्किम और पश्चिम बंगाल से होकर बहती है तथा बांग्लादेश में ब्रह्मपुत्र से मिलती है।
मानस नदी का उद्गम भूटान हिमालय में होता है।
यह भूटान से असम में प्रवेश करके ब्रह्मपुत्र में मिलती है।
इसलिए जेमू और मानस भिन्न नदी-तंत्रों से संबंधित हैं।