Previous Year Question
निम्नलिखित सूचना पर विचार कीजिए :
जलप्रपात | क्षेत्र | नदी | |
1. | धुआंधार | मालवा | नर्मदा |
2. | हुंडरू | छोटानागपुर | सुवर्णरेखा |
3. | गेरसोप्पा | पश्चिमी घाट | नेत्रावती |
उपर्युक्त पंक्तियों में से कितनी में दी गई सूचना सही सुमेलित है?
केवल एक
केवल दोकेवल दो
सभी तीन
इनमें से कोई नहीं
Correct Answer: A
Detailed Solution
केवल पंक्ति 2—हुंडरू जलप्रपात–छोटानागपुर–सुवर्णरेखा नदी पूरी तरह सही सुमेलित है।
1. धुआंधार–मालवा–नर्मदा: गलत
धुआंधार जलप्रपात मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में भेड़ाघाट के निकट स्थित है।
इसका निर्माण नर्मदा नदी पर हुआ है। अतः नदी का सुमेलन सही है।
लेकिन जबलपुर मालवा क्षेत्र में नहीं, बल्कि मध्य प्रदेश के महाकौशल क्षेत्र में स्थित है।
इसलिए पूरी पंक्ति गलत हो जाती है।
यहाँ नर्मदा नदी संगमरमर की चट्टानों से बनी संकरी घाटी से होकर बहती है।
जल के तीव्रता से गिरने पर उत्पन्न महीन फुहार धुएँ जैसी दिखाई देती है, इसलिए इसका नाम ‘धुआंधार’ पड़ा।
नर्मदा भ्रंश घाटी में बहने वाली पश्चिमवाहिनी नदी है। यह अमरकंटक पठार से निकलकर खंभात की खाड़ी में गिरती है।
2. हुंडरू–छोटानागपुर–सुवर्णरेखा: सही
हुंडरू जलप्रपात झारखंड के राँची के निकट छोटानागपुर पठार में स्थित है।
इसका निर्माण सुवर्णरेखा नदी पर हुआ है।
सुवर्णरेखा नदी पठारी किनारे से लगभग 98 मीटर नीचे गिरकर हुंडरू जलप्रपात बनाती है।
यह नदी झारखंड के राँची क्षेत्र से निकलती है और झारखंड, पश्चिम बंगाल तथा ओडिशा से होकर बहती है।
अंततः यह बंगाल की खाड़ी में गिरती है।
सुवर्णरेखा के नाम का अर्थ ‘स्वर्ण रेखा’ है। इसके कुछ बालूयुक्त भागों में परंपरागत रूप से सोने के सूक्ष्म कण मिलने का उल्लेख किया जाता है।
छोटानागपुर पठार में कठोर एवं कोमल चट्टानों की असमान संरचना तथा नदी-पथ के अचानक ढाल परिवर्तन के कारण अनेक जलप्रपात बने हैं।
3. गेरसोप्पा–पश्चिमी घाट–नेत्रावती: गलत
गेरसोप्पा जलप्रपात को वर्तमान में जोग जलप्रपात कहा जाता है।
यह कर्नाटक के पश्चिमी घाट क्षेत्र में स्थित है। अतः क्षेत्र का सुमेलन सही है।
लेकिन इसका निर्माण नेत्रावती नदी पर नहीं, बल्कि शरावती नदी पर हुआ है।
इसलिए पूरी पंक्ति गलत है।
जोग जलप्रपात में शरावती नदी लगभग 253 मीटर की ऊँचाई से नीचे गिरती है।
इसके चार प्रमुख जल-खंडों को परंपरागत रूप से राजा, रानी, रोअरर और रॉकेट कहा जाता है।
शरावती नदी पश्चिम की ओर बहकर अरब सागर में गिरती है।
नेत्रावती भी पश्चिमवाहिनी नदी है, लेकिन वह दक्षिण कन्नड़ क्षेत्र से बहते हुए मंगलुरु के निकट अरब सागर में गिरती है; उस पर जोग जलप्रपात नहीं है।
निष्कर्ष
पंक्ति | स्थिति | कारण |
1 | गलत | धुआंधार नर्मदा पर है, लेकिन मालवा में नहीं |
2 | सही | हुंडरू–छोटानागपुर–सुवर्णरेखा सही |
3 | गलत | गेरसोप्पा शरावती पर है, नेत्रावती पर नहीं |