Previous Year Question
निम्नलिखित में से कौन-सा एक, गोंडवाना शैल-तंत्र को भारत का सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण शैल-तंत्र मानने का उपयुक्त कारण है?
भारत के 90% से अधिक चूना-पत्थर भंडार उनमें पाए जाते हैं
भारत के 90% से अधिक कोयला भंडार उनमें पाए जाते हैं
90% से अधिक उपजाऊ काली कपास मृदा उन पर फैली हुई है
इस संदर्भ में उपर्युक्त कारणों में से कोई भी उपयुक्त नहीं है
Correct Answer: B
Detailed Solution
गोंडवाना शैल-तंत्र भारत का सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण कोयला-धारी शैल समूह है। भारत के 90% से अधिक कोयला भंडार गोंडवाना क्रम की अवसादी चट्टानों में पाए जाते हैं।
गोंडवाना शैलों का निर्माण
गोंडवाना शैलों का निक्षेपण मुख्यतः प्रायद्वीपीय भारत की भ्रंशित गर्तों अथवा नदी घाटी बेसिनों में हुआ।
ये शैलें मुख्यतः प्राचीन वनस्पतियों के अवशेषों, बलुआ पत्थर, शेल और अन्य अवसादों से निर्मित हुईं।
वनस्पतियों के अवशेष दबाव और ताप के प्रभाव से दीर्घकाल में कोयले में परिवर्तित हो गए।
भारतीय गोंडवाना कोयला मुख्यतः पर्मियन काल से संबंधित है।
प्रमुख गोंडवाना कोयला क्षेत्र
गोंडवाना कोयला भंडार मुख्यतः निम्नलिखित नदी घाटियों में मिलते हैं:
दामोदर घाटी: रानीगंज, झरिया, बोकारो, गिरिडीह और उत्तर-दक्षिण कर्णपुरा
सोन घाटी: सिंगरौली
महानदी घाटी: तालचेर, आईबी घाटी और कोरबा क्षेत्र
गोदावरी घाटी: सिंगरेनी कोयला क्षेत्र
वर्धा घाटी: महाराष्ट्र के कोयला क्षेत्र
सतपुड़ा क्षेत्र: पेंच-कान्हन-तवा कोयला क्षेत्र
झरिया भारत का प्रमुख कोकिंग कोयला क्षेत्र है, जबकि गोंडवाना क्षेत्रों का अधिकांश कोयला ताप विद्युत उत्पादन और उद्योगों में उपयोग किया जाता है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
विकल्प (a) गलत है
भारत के 90% से अधिक चूना-पत्थर भंडार गोंडवाना शैलों में नहीं पाए जाते। चूना-पत्थर के बड़े निक्षेप मुख्यतः विंध्यन, कडप्पा और अन्य अवसादी शैल समूहों से संबंधित हैं।
विकल्प (c) गलत है
काली कपास मृदा का निर्माण मुख्यतः दक्कन ट्रैप की बेसाल्ट चट्टानों के अपक्षय से हुआ है। इसका गोंडवाना शैल-तंत्र से प्रत्यक्ष संबंध नहीं है।
विकल्प (d) गलत है
विकल्प (b) गोंडवाना शैल-तंत्र के महत्त्व का उपयुक्त कारण प्रस्तुत करता है; इसलिए “कोई भी कारण उपयुक्त नहीं” गलत है।
अतः सही उत्तर भारत के 90% से अधिक कोयला भंडार है।