Previous Year Question
निम्नलिखित में से किनमें प्रवाल-भित्तियाँ हैं?
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
कच्छ की खाड़ी
मन्नार की खाड़ी
सुंदरबन
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
केवल 1, 2 और 3
केवल 2 और 4
केवल 1 और 3
1, 2, 3 और 4
Correct Answer: A
Detailed Solution
भारत में प्रवाल-भित्तियों के प्रमुख क्षेत्र हैं:
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
कच्छ की खाड़ी
मन्नार की खाड़ी तथा पाक खाड़ी
लक्षद्वीप
महाराष्ट्र के मालवण क्षेत्र में कुछ प्रवाल क्षेत्र
1. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह—सही
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के चारों ओर व्यापक प्रवाल-भित्तियाँ पाई जाती हैं।
यहाँ मुख्यतः तटीय अथवा फ्रिंजिंग रीफ और कुछ अवरोधक अथवा बैरियर रीफ मिलती हैं।
उथला, गर्म और सूर्य का प्रकाश प्राप्त करने वाला समुद्री जल प्रवालों की वृद्धि के लिए अनुकूल है।
इन भित्तियों में कठोर प्रवाल, समुद्री स्पंज, मछलियाँ, समुद्री कछुए और अन्य समुद्री जीवों की अत्यधिक विविधता मिलती है।
2. कच्छ की खाड़ी—सही
गुजरात की कच्छ की खाड़ी में भी प्रवाल-भित्तियाँ पाई जाती हैं।
यहाँ का समुद्री पर्यावरण उच्च ज्वारीय परास, अधिक लवणता और अपेक्षाकृत गंदले जल से प्रभावित है।
कठिन पर्यावरणीय परिस्थितियों के बावजूद यहाँ कई द्वीपों और अंतर्ज्वारीय क्षेत्रों के आसपास प्रवाल विकसित हुए हैं।
मरीन नेशनल पार्क और मरीन सैंक्चुअरी, जामनगर इस प्रवाल पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण के लिए महत्त्वपूर्ण हैं।
3. मन्नार की खाड़ी—सही
तमिलनाडु के दक्षिण-पूर्वी तट पर स्थित मन्नार की खाड़ी में विस्तृत प्रवाल-भित्तियाँ मिलती हैं।
ये प्रवाल-भित्तियाँ मुख्यतः रामेश्वरम और तूतीकोरिन के बीच स्थित द्वीपों के आसपास पाई जाती हैं।
मन्नार की खाड़ी जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र में प्रवालों के साथ समुद्री घास, डुगोंग, समुद्री कछुए और अनेक मछली प्रजातियाँ मिलती हैं।
यह भारत के प्रमुख समुद्री जैव-विविधता क्षेत्रों में से एक है।
4. सुंदरबन—गलत
सुंदरबन में प्रवाल-भित्तियाँ नहीं पाई जातीं।
सुंदरबन गंगा-ब्रह्मपुत्र-मेघना नदियों द्वारा निर्मित ज्वारीय डेल्टा और मैंग्रोव क्षेत्र है।
यहाँ नदियों से बड़ी मात्रा में गाद तथा मीठा जल समुद्र में पहुँचता है।
परिणामस्वरूप जल अत्यधिक गंदला रहता है और उसकी लवणता में निरंतर परिवर्तन होता है।
प्रवालों को सामान्यतः स्वच्छ, उथला, गर्म, पर्याप्त लवणीय और कम अवसाद वाला जल चाहिए। सुंदरबन की परिस्थितियाँ इनके अनुकूल नहीं हैं।