JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

GEOGRAPHY · 2012

Previous Year Question

निम्नलिखित में से कौन-सी ‘मिश्रित खेती’ की प्रमुख विशेषता है?

A.

नकदी और खाद्य दोनों फसलों की साथ-साथ खेती

B.

दो या दो से अधिक फसलों को एक ही खेत में उगाना

C.

पशुपालन और सस्य-उत्पादन को एक साथ करना

D.

उपर्युक्त में से कोई नहीं

Correct Answer: C

Detailed Solution

मिश्रित खेती वह कृषि व्यवस्था है जिसमें एक ही कृषि इकाई अथवा फार्म पर फसल उत्पादन और पशुपालन को एकीकृत रूप से किया जाता है।

विकल्प (a)—गलत

  • एक ही फार्म पर नकदी और खाद्य दोनों प्रकार की फसलें उगाई जा सकती हैं।

  • लेकिन इससे पशुपालन का समावेश आवश्यक रूप से सिद्ध नहीं होता।

  • इसलिए यह मिश्रित खेती की प्रमुख अथवा परिभाषात्मक विशेषता नहीं है।

विकल्प (b)—गलत

  • एक ही खेत में एक समय पर दो या अधिक फसलों को उगाना सामान्यतः मिश्रित फसल पद्धति कहलाता है।

  • यदि विभिन्न फसलों को निश्चित पंक्ति-विन्यास में उगाया जाए तो इसे अंतःफसली कृषि कहा जा सकता है।

  • यह फसल-फसल संयोजन है, जबकि मिश्रित खेती में फसल-पशु एकीकरण होता है।

विकल्प (c)—सही

  • पशुपालन और फसल उत्पादन को एक साथ करना मिश्रित खेती की मुख्य विशेषता है।

  • इसमें गाय, भैंस, भेड़, बकरी या मुर्गीपालन को अनाज, दलहन, चारा अथवा अन्य फसलों के उत्पादन के साथ जोड़ा जा सकता है।

फसल-पशुधन संसाधन चक्र

  • फसलों के भूसे, डंठल, पत्तियों और अन्य अवशेषों का उपयोग पशु-चारे के रूप में किया जा सकता है।

  • पशुओं से प्राप्त गोबर और मूत्र का उपयोग खाद अथवा कम्पोस्ट बनाने में किया जा सकता है।

  • पशु-खाद मृदा में कार्बनिक पदार्थ और पोषक तत्त्व वापस पहुँचाती है।

  • बैल जैसे पशु खेत की जुताई तथा परिवहन के लिए श्रम-शक्ति भी उपलब्ध करा सकते हैं।

  • इस प्रकार खेत के एक घटक का उप-उत्पाद दूसरे घटक का संसाधन बन जाता है।

मिश्रित खेती के प्रमुख लाभ

  • फसल खराब होने की स्थिति में दूध, अंडे, मांस अथवा पशु-बिक्री से वैकल्पिक आय मिल सकती है।

  • कृषि परिवार को वर्ष भर रोजगार और आय प्राप्त हो सकती है।

  • फसल-अवशेषों का उपयोग होने से अपशिष्ट कम होता है।

  • गोबर की खाद से मृदा के कार्बनिक पदार्थ, संरचना और जलधारण क्षमता में सुधार हो सकता है।

  • अलग-अलग कृषि उद्यमों के कारण उत्पादन और बाजार संबंधी जोखिम का विविधीकरण होता है।

ध्यान रखने योग्य तथ्य

मिश्रित खेती तभी टिकाऊ होती है जब पशुओं की संख्या, चारे की उपलब्धता, गोबर-प्रबंधन और मृदा से निकाले जा रहे फसल-अवशेषों के बीच संतुलन रखा जाए। अत्यधिक चराई अथवा सभी अवशेषों को खेत से हटा देने पर मृदा की उर्वरता और संरक्षण प्रभावित हो सकते हैं।

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