JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

GEOGRAPHY · 2020

Previous Year Question

“यह फसल उपोष्ण प्रकृति की है । उसके लिए कठोर पाला हानिकारक है । विकास के लिए उसे कम-से-कम 210 पाला-रहित दिवसों और 50 – 100 सेंटीमीटर वर्षा की आवश्यकता पड़ती है । हल्की सुअपवाहित मृदा जिसमें नमी धारण करने की क्षमता है उसकी खेती के लिए आदर्श रूप से अनुकूल है ।” यह फसल निम्नलिखित में से कौन-सी है ?

A.

कपास

B.

जूट

C.

गन्ना

D.

चाय

Correct Answer: A

Detailed Solution

प्रश्न में बताई गई सभी भौगोलिक दशाएँ कपास की खेती से संबंधित हैं।

1. उपोष्ण प्रकृति और तापमान

  • कपास मूलतः उष्ण एवं उपोष्ण क्षेत्रों की फसल है।

  • इसकी वृद्धि के लिए सामान्यतः उच्च तापमान और तेज धूप की आवश्यकता होती है।

  • भारत में इसे मुख्यतः खरीफ फसल के रूप में उगाया जाता है।

2. कम-से-कम 210 पाला-रहित दिन

  • कपास का पौधा पाले के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होता है।

  • कठोर पाला पौधे की कोशिकाओं, नई वृद्धि, फूलों और विकसित हो रहे कपास-कोषों को क्षति पहुँचा सकता है।

  • इसकी लंबी वृद्धि-अवधि के कारण लगभग 210 पाला-रहित दिवस महत्त्वपूर्ण होते हैं।

  • प्रश्न में दिया गया यह संकेत कपास की पहचान करने के लिए सबसे निर्णायक है।

3. वर्षा की आवश्यकता

  • कपास को लगभग 50–100 सेंटीमीटर वर्षा अथवा उसके बराबर सिंचाई की आवश्यकता हो सकती है।

  • पौधे की प्रारंभिक वृद्धि के समय पर्याप्त नमी आवश्यक होती है।

  • लेकिन कपास-कोषों के परिपक्व होने और खुलने के समय शुष्क मौसम तथा तेज धूप लाभकारी होती है।

  • कोषों के खुलने के समय वर्षा होने पर कपास की गुणवत्ता खराब हो सकती है।

4. मृदा संबंधी दशाएँ

  • कपास के लिए ऐसी मृदा उपयोगी होती है जिसमें नमी धारण करने की क्षमता हो, लेकिन जल-निकास भी अच्छा हो।

  • भारत के दक्कन पठार की गहरी काली अथवा रेगुर मृदा कपास के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है।

  • काली मृदा में चिकनी मिट्टी का अनुपात अधिक होने के कारण नमी धारण करने की क्षमता अधिक होती है।

  • उचित जल-निकास वाली जलोढ़ एवं दोमट मृदाओं में भी कपास उगाई जा सकती है।

  • खेत में लंबे समय तक जलभराव कपास की जड़ों और पौध-वृद्धि के लिए हानिकारक होता है।

अन्य विकल्प क्यों गलत हैं?

  • जूट: इसे गर्म और अत्यधिक आर्द्र जलवायु, अधिक वर्षा तथा बाढ़ के मैदानों की उपजाऊ जलोढ़ मृदा की आवश्यकता होती है।

  • गन्ना: यह गर्म और आर्द्र जलवायु में उगने वाली दीर्घावधि फसल है तथा इसकी जल-आवश्यकता सामान्यतः कपास से अधिक होती है।

  • चाय: इसे गर्म एवं नम पाला-रहित जलवायु, पूरे वर्ष वितरित वर्षा तथा ह्यूमस-समृद्ध, अम्लीय और सुवाहित मृदा की आवश्यकता होती है।

अतिरिक्त तथ्य

  • कपास एक प्रमुख रेशेदार एवं नकदी फसल है।

  • कपास का रेशा वास्तव में बीजों की बाहरी सतह पर विकसित होने वाले लंबे रोएँ होते हैं।

  • कपास-कोष से बीजों और रेशों को अलग करने की प्रक्रिया को ओटना या जिनिंग कहा जाता है।

  • भारत में कपास सामान्यतः लगभग 6–8 महीने में परिपक्व होती है।

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