JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

GEOGRAPHY · 2022

Previous Year Question

“यदि वर्षावन और उष्णकटिबंधीय वन पृथ्वी के फेफड़े हैं, तो निश्चित ही आर्द्रभूमियाँ इसके गुर्दों की तरह काम करती हैं।” निम्नलिखित में से आर्द्रभूमियों का कौन-सा एक कार्य उपर्युक्त कथन को सर्वोत्तम रूप से प्रतिबिंबित करता है?

A.

आर्द्रभूमियों के जल चक्र में सतही अपवाह, अवमृदा अंतःस्रवण और वाष्पन शामिल होते हैं।

B.

शैवालों से वह पोषक आधार बनता है, जिस पर मत्स्य, परुषकवची (क्रश्टेशिआई), मृदुकवची (मोलस्क), पक्षी, सरीसृप और स्तनधारी फलते-फूलते हैं।

C.

आर्द्रभूमियाँ अवसाद संतुलन और मृदा स्थिरीकरण बनाए रखने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

D.

जलीय पादप भारी धातुओं और पोषकों के आधिक्य को अवशोषित कर लेते हैं।

Correct Answer: D

Detailed Solution

  • जिस प्रकार गुर्दे रक्त से अपशिष्ट तथा हानिकारक पदार्थों को छानकर शरीर का रासायनिक संतुलन बनाए रखते हैं, उसी प्रकार आर्द्रभूमियाँ अपने भीतर से गुजरने वाले जल से प्रदूषकों और अतिरिक्त पोषकों को हटाकर प्राकृतिक जल-शोधक का कार्य करती हैं।

  • आर्द्रभूमि के जलीय पादप अपनी जड़ों तथा अन्य ऊतकों के माध्यम से नाइट्रोजन और फॉस्फोरस जैसे अतिरिक्त पोषकों तथा कुछ भारी धातुओं को अवशोषित या संचित कर सकते हैं। इस पादप-आधारित प्रदूषण-निवारण को व्यापक रूप से पादपोपचार अथवा फाइटोरेमेडिएशन से जोड़ा जाता है।

  • केवल पादप ही नहीं, आर्द्रभूमि की मृदा, अवसाद और सूक्ष्मजीव भी प्रदूषकों को अधिशोषित, स्थिर या रूपांतरित करते हैं। भारी धातुएँ सामान्यतः नष्ट नहीं होतीं, बल्कि पादप ऊतकों अथवा अवसादों में संचित और स्थिर हो सकती हैं।

  • अतिरिक्त नाइट्रोजन और फॉस्फोरस को हटाना महत्वपूर्ण है क्योंकि इनकी अधिकता सुपोषण, अत्यधिक शैवाल-वृद्धि और जल में घुलित ऑक्सीजन की कमी उत्पन्न कर सकती है।

  • विकल्प (a) आर्द्रभूमि के जलीय चक्र, विकल्प (b) खाद्य-जाल तथा जैविक उत्पादकता और विकल्प (c) अवसाद नियंत्रण एवं मृदा स्थिरीकरण को दर्शाता है। ये आर्द्रभूमियों के महत्वपूर्ण कार्य हैं, लेकिन गुर्दे की छानने और शुद्ध करने वाली उपमा को सीधे प्रतिबिंबित नहीं करते।

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