JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

GEOGRAPHY · 2012

Previous Year Question

हाल में तत्वों के एक वर्ग, जिसे ‘दुर्लभ मृदा धातु’ कहते हैं, की कम आपूर्ति पर चिंता जताई गई। क्यों?

  1. चीन, जो इन तत्वों का सबसे बड़ा उत्पादक है, द्वारा इनके निर्यात पर कुछ प्रतिबन्ध लगा दिया गया है।

  2. चीन, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और चिली को छोड़कर अन्य किसी भी देश में ये तत्व नहीं पाये जाते हैं।

  3. दुर्लभ मृदा धातु विभिन्न प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक सामानों के निर्माण में आवश्यक हैं और इन तत्वों की माँग बढ़ती जा रही है।

उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

A.

केवल 1

B.

केवल 2 और 3

C.

केवल 1 और 3

D.

1, 2 और 3

Correct Answer: C

Detailed Solution

कथन 1 सही है। प्रश्न पूछे जाने के समय चीन दुर्लभ मृदा तत्वों का सबसे बड़ा उत्पादक था। चीन ने इनके निर्यात पर कोटा, निर्यात शुल्क और लाइसेंस जैसी पाबंदियाँ लगाई थीं। इसी कारण वैश्विक आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी।

कथन 2 गलत है। दुर्लभ मृदा तत्व केवल चीन, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और चिली में नहीं पाए जाते। इनके भंडार और स्रोत अमेरिका, भारत, ब्राज़ील, रूस तथा कई अन्य देशों में भी पाए जाते हैं।

कथन 3 सही है। दुर्लभ मृदा तत्वों का प्रयोग इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं, स्थायी चुम्बकों, बैटरियों, उत्प्रेरकों, संचार उपकरणों और अन्य उन्नत प्रौद्योगिकियों में होता है। इसलिए इनकी माँग बढ़ रही थी।

परीक्षा-उपयोगी तथ्य: दुर्लभ मृदा तत्व कुल 17 तत्वों का समूह है—15 लैंथेनाइड तथा स्कैंडियम और इट्रियम। ये पृथ्वी की भूपर्पटी में अत्यन्त दुर्लभ नहीं हैं; समस्या इनका आर्थिक रूप से उपयोगी सांद्रण और पृथक्करण है।

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