JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

GEOGRAPHY · 2013

Previous Year Question

संसार के सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण मत्स्यन क्षेत्र उन क्षेत्रों में पाए जाते हैं, जहाँ

A.

कोष्ण तथा शीत वायुमण्डलीय धाराएँ मिलती हैं

B.

नदियाँ सागरों में प्रचुर मात्रा में ताज़ा जल प्रवाहित करती हैं

C.

कोष्ण तथा शीत सागरीय धाराएँ मिलती हैं

D.

महाद्वीपीय शेल्फ तरंगित है

Correct Answer: C

Detailed Solution

संसार के कई अत्यधिक उत्पादक मत्स्यन क्षेत्र उन समुद्री प्रदेशों में पाए जाते हैं जहाँ कोष्ण और शीत महासागरीय धाराएँ मिलती हैं। इसलिए विकल्प C सही है।

कोष्ण और शीत धाराओं के मिलने से महासागरीय अग्रभाग तथा मिश्रण-क्षेत्र बनते हैं। शीत जल सामान्यतः पोषक तत्त्वों से अधिक समृद्ध होता है। धाराओं का मिश्रण और जल का ऊर्ध्वाधर संचलन इन पोषक तत्त्वों को सूर्यप्रकाश प्राप्त करने वाली ऊपरी परतों तक पहुँचाने में सहायता करता है।

पोषक तत्त्वों की उपलब्धता से पादपप्लवकों की वृद्धि होती है। पादपप्लवक समुद्री खाद्य-जाल के प्राथमिक उत्पादक और आधार होते हैं। इन्हें प्राणिप्लवक खाते हैं तथा प्राणिप्लवकों और छोटे जीवों को मछलियाँ खाती हैं। इस प्रकार इन क्षेत्रों में मछलियों की बड़ी संख्या एकत्रित होती है।

इसके प्रमुख उदाहरण हैं:

  • न्यूफाउंडलैंड का ग्रैंड बैंक: यहाँ कोष्ण गल्फ स्ट्रीम और शीत लैब्राडोर धारा का प्रभाव मिलता है।

  • जापान के निकटवर्ती समुद्र: यहाँ कोष्ण कुरोशियो धारा और शीत ओयाशियो धारा मिलती हैं।

  • उत्तरी अटलांटिक के मत्स्यन क्षेत्र: यहाँ कोष्ण और शीत जलराशियों के संपर्क से उत्पादक समुद्री क्षेत्र बनते हैं।

विस्तृत और उथला महाद्वीपीय शेल्फ भी मत्स्यन के लिए अनुकूल होता है, क्योंकि वहाँ सूर्य का प्रकाश अपेक्षाकृत अधिक गहराई तक पहुँचता है। लेकिन विकल्प D में शेल्फ का केवल “तरंगित” होना दिया गया है, जो प्रमुख मत्स्यन क्षेत्रों का निर्णायक कारण नहीं है। इसी प्रकार नदी-मुख उत्पादक हो सकते हैं, पर वे संसार के सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण समुद्री मत्स्यन क्षेत्रों की सामान्य विशेषता नहीं हैं।

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