Previous Year Question
कई प्रतिरोपित पौधे इसलिए नहीं बढ़ते हैं, क्योंकि
नई मिट्टी में इष्ट खनिज पदार्थ नहीं रहते हैं
अधिकांश मूल रोम नई मिट्टी को अधिक सख्ती से जकड़ लेते हैं
प्रतिरोपण के दौरान अधिकांश मूल रोम नष्ट हो जाते हैं
प्रतिरोपण के दौरान पत्तियाँ क्षतिग्रस्त हो जाती हैं
Correct Answer: C
Detailed Solution
मूल रोम जड़ की बाह्यत्वचा की कोशिकाओं से निकलने वाली अत्यंत पतली संरचनाएँ हैं। ये जड़ का अवशोषण-क्षेत्र बहुत अधिक बढ़ा देती हैं और मृदा से जल तथा घुलित खनिजों के अवशोषण में मुख्य भूमिका निभाती हैं।
पौधे को एक स्थान से निकालकर दूसरे स्थान पर प्रतिरोपित करते समय जड़ों के आसपास की मिट्टी हट सकती है और अनेक कोमल मूल रोम टूट या नष्ट हो सकते हैं।
मूल रोम नष्ट होने के बाद पौधे की जल और खनिज अवशोषित करने की क्षमता अचानक कम हो जाती है, जबकि पत्तियों से वाष्पोत्सर्जन जारी रहता है। इससे पौधे में जल की कमी और प्रतिरोपण आघात उत्पन्न हो सकता है।
यदि पौधा शीघ्र नई जड़ें और मूल रोम विकसित नहीं कर पाता, तो वह मुरझा सकता है अथवा उसकी वृद्धि रुक सकती है।
नई मिट्टी में उपयुक्त खनिजों का सर्वथा अभाव होना आवश्यक नहीं है। इसी प्रकार मूल रोम द्वारा मिट्टी को अधिक सख्ती से जकड़ना समस्या नहीं है। पत्तियों की क्षति कभी-कभी हो सकती है, लेकिन अनेक प्रतिरोपित पौधों के न बढ़ने का प्रमुख कारण मूल रोमों की हानि है।