JAGTIV · Previous Year Questions

UPSC

GEOGRAPHY · 2021

Previous Year Question

सवाना की वनस्पति में बिखरे हुए छोटे वृक्षों के साथ घास के मैदान होते हैं, किन्तु विस्तृत क्षेत्र में कोई वृक्ष नहीं होते हैं। ऐसे क्षेत्रों में वन विकास सामान्यतः एक या एकाधिक या कुछ परिस्थितियों के संयोजन के द्वारा नियंत्रित होता है। ऐसी परिस्थितियाँ निम्नलिखित में से कौन-सी हैं?

  1. बिलकारी प्राणी और दीमक

  2. अग्नि

  3. चरने वाले तृणभक्षी प्राणी (हर्बिवोर्स)

  4. मौसमी वर्षा

  5. मृदा के गुण

नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।

A.

1 और 2

B.

4 और 5

C.

2, 3 और 4

D.

1, 3 और 5

Correct Answer: C

Detailed Solution

  1. सवाना उष्णकटिबंधीय घासभूमि है, जिसमें घास के विस्तृत मैदानों के बीच छोटे और दूर-दूर स्थित वृक्ष पाए जाते हैं। यहाँ सघन वन के विकास को मुख्यतः अग्नि, चरने वाले तृणभक्षी प्राणी और मौसमी वर्षा नियंत्रित करते हैं।

  2. कथन 2 सही है—अग्नि: शुष्क ऋतु में सूखी घास में बार-बार आग लगती है। घास की भूमिगत जड़ें आग के बाद पुनः विकसित हो सकती हैं, लेकिन वृक्षों के छोटे पौधे और नई शाखाएँ नष्ट हो जाती हैं। इससे घास का प्रभुत्व बना रहता है और सघन वन विकसित नहीं हो पाता।

  3. कथन 3 सही है—चरने वाले तृणभक्षी प्राणी: हाथी, जिराफ, मृग तथा अन्य तृणभक्षी वृक्षों के पौधों और शाखाओं को खाते हैं। हाथी वृक्षों को गिरा भी सकते हैं। इस प्रकार चराई और ब्राउज़िंग वृक्षों की संख्या तथा वृद्धि को नियंत्रित करती हैं।

  4. कथन 4 सही है—मौसमी वर्षा: सवाना में स्पष्ट आर्द्र और शुष्क ऋतुएँ होती हैं। वर्षा का मौसमी वितरण और लंबी शुष्क ऋतु वृक्षों के निरंतर विकास को सीमित करती है, जबकि घास इस मौसमी व्यवस्था के प्रति अधिक अनुकूलित होती है।

  5. बिलकारी प्राणी, दीमक और मृदा के गुण स्थानीय स्तर पर सवाना की संरचना को प्रभावित कर सकते हैं, लेकिन प्रश्न में वन विकास को सामान्यतः नियंत्रित करने वाली परिस्थितियों का सही संयोजन अग्नि, चरने वाले तृणभक्षी प्राणी और मौसमी वर्षा है।

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