Previous Year Question
पृथ्वी के वायुमंडल के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों में से कौन-सा एक सही है?
भूमध्यरेखा पर प्राप्त होने वाले सूर्यातप की कुल मात्रा, ध्रुवों पर प्राप्त होने वाली मात्रा की लगभग 10 गुनी है।
अवरक्त किरणें सूर्यातप का लगभग दो-तिहाई भाग हैं।
अवरक्त तरंगें मुख्यतः निचले वायुमंडल में संकेंद्रित जलवाष्प द्वारा अवशोषित होती हैं।
अवरक्त तरंगें सौर विकिरण की विद्युत्-चुंबकीय तरंगों के दृश्य स्पेक्ट्रम का भाग हैं।
Correct Answer: C
Detailed Solution
विकल्प (c) सही है। जलवाष्प पृथ्वी के वायुमंडल की सबसे महत्त्वपूर्ण प्राकृतिक ग्रीनहाउस गैसों में से एक है। इसकी सर्वाधिक मात्रा क्षोभमंडल अर्थात् वायुमंडल के निचले भाग में पाई जाती है।
पृथ्वी की सतह सौर ऊर्जा को अवशोषित करके उसे दीर्घतरंग अवरक्त विकिरण के रूप में पुनः उत्सर्जित करती है। निचले वायुमंडल में उपस्थित जलवाष्प इस अवरक्त विकिरण के बड़े भाग को अवशोषित करके पुनः विकिरित करती है।
विकल्प (a) गलत है। भूमध्यरेखा को ध्रुवों की तुलना में अधिक सूर्यातप मिलता है, क्योंकि वहाँ सूर्य की किरणें अधिक सीधी पड़ती हैं। लेकिन भूमध्यरेखा पर मिलने वाला कुल सूर्यातप ध्रुवों का लगभग दस गुना नहीं होता।
विकल्प (b) गलत है। अवरक्त विकिरण सौर ऊर्जा का महत्त्वपूर्ण भाग है, लेकिन यह सूर्यातप का लगभग दो-तिहाई भाग नहीं बनाता। सौर ऊर्जा में दृश्य प्रकाश, अवरक्त तथा पराबैंगनी विकिरण सम्मिलित होते हैं।
विकल्प (d) गलत है। अवरक्त विकिरण विद्युत्-चुंबकीय स्पेक्ट्रम में दृश्य लाल प्रकाश से अधिक तरंगदैर्ध्य वाला विकिरण है। इसलिए यह दृश्य स्पेक्ट्रम का भाग नहीं है।